रूपनगर में दस साल बाद एक बार फिर राष्ट्र स्तर के सेल आफ आर्टिकल्स ऑफ रूरल आर्टिसंस सोसायटीज (सरस) का महाकुंभ 26 सितंबर से आरंभ हो रहा है। इस बार इस मेले के लिए जगह नई है। पहले नेहरू स्टेडियम में ये मेला लगा था और इस बार इसे खुली जगह में स्टेडियम के सामने नए बस स्टैंड के साथ मिलिट्री की साइड पर जगह साफ करवाकर करवाया जा रहा है। छह अक्टूबर तक ये मेला चलेगा।


20 एकड़ की साइट में मेला करवाया जा रहा है और 300 से अधिक स्टाल मेले में लगेंगे। 22 राज्यों से 500 से ज्यादा दस्तकार और एक हजार कलाकार इस मेले में हिस्सा लेंगे। दर्शकों के लिए मेला वीरवार सुबह आरंभ हो जाएगा। मेले के दौरान दर्शकों को दिन के समय शिल्पकारों द्वारा हाथों से बनाई गई वस्तुएं खरीदने क मौका मिलेगा, वहीं मेले में सायं के समय सांस्कृतिक प्रोग्राम के दौरान विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।


दर्शकों को भारत के समूह राज्यों की संस्कृति को एक मंच पर देखने का मौका मिलेगा। मेले के दौरान रोजाना विभिन्न राज्यों के कलाकार दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। रोजाना आठ घंटे 22 राज्यों के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। सरस मेले में रोजाना देश एवं पंजाब के नामवर कलाकार शिरकत करके श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। 26 सितंबर को कंवर ग्रेवाल, 27 को प्रवण (बिग बॉस सीरियल वाले) और गोबिद कृष्णा, 28 को गायक मनकीरत औलख, 29 को अलाप बैंड, एक अक्टूबर को जावेद कव्वाल, दो अक्टूबर को डीजे पार्टी और हिना खान, तीन अक्टूबर को दुर्गा रंगीला, चार अक्टूबर को पारस जेतली, पांच अक्टूबर को रणजीत बावा और छह अक्टूबर को सुनंदा शर्मा अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।


मेले में लोगों को पंजाब समेत हरियाणवी, राजस्थानी, गुजराती, महाराष्ट्र, नॉर्थ ईस्ट, दक्षिण भारतीय समेत विभिन्न राज्यों के लजीज व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका भी मिलेगा। दस साल तक के बच्चों की एंट्री फ्री मेले की एंट्री फीस 20 रुपये रखी गई है, जबकि दस साल से कम आयु के बच्चों के लिए एंट्री फ्री रहेगी। इसके अलावा कलाकारों द्वारा पेश किए जा रहे प्रोग्राम संबंधी फीस अलग तौर पर रखी गई है। रहने व खाने- पीने का पूरा प्रबंध डिप्टी कमिश्नर डॉ.सुमीत जारंगल ने कहा कि ये मेला भारत की दस्तकारी के दिलकश नमूनों को पेश करेगा और देश के दस्तकारों के लिए अपने नमूनों को बेचने का एक बड़ा मौका भी है।


सरस मेले संबंधी लोगों की सुविधा के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। विभिन्न राज्यों से आने वाले कलाकारों के रहने व खाने- पीने का प्रबंध, मेले में आने वाले मेला प्रेमियों के लिए अलग- अलग सुविधाओं के अलावा सुरक्षा का भी प्रबंध किया गया है। मेले में 500 नृत्य कलाकार और 350 सांस्कृतिक गतिविधियों के कलाकार भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश, हिमाचल, जेएंडके, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आसाम, बिहार, मणीपुर, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, मिरोजम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा व उत्तराखंड के लोक नाच, लोक संगीत के अलावा पंजाब के लोकनाच और भंड कला, मलवाई गिद्धा विशेष आकर्षण होंगे।


मेले के अंतिम दिन छह बजे एक लक्की ड्रॉ निकाला जाएगा, जिसकी टिकट केवल 30 रुपये रखी गई है। इस लक्की ड्रॉ में पहला पुरस्कार कार, दूसरा बुलेट मोटरसाइकिल व तीसरा स्कूटी और अन्य पुरस्कार होंगे।