पहाड़ी और झरनों के सुदरता के बीच आप गंगटोक में थोड़ी भक्ति भी कर सकते हैं। यहा हनुमान जी का एक मंदिर है हनुमान टोक (Hanuman Tok)। इस मंदिर का नाम हनुमान टॉक रखने के पीछे भी एक कारण है। 

यहां की स्थानीय भाषा में 'टोक' का मतलब होता है, एक ऊंचा स्थान या ऊंची पहाड़ी। ऐसे ही यहां पर भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित पवित्र मंदिर एक ऊंची पहाड़ी स्थित है। 

गंगटोक का यह मंदिर प्रदूषण रहित वातावरण में सबसे शांत और पवित्र स्थलो में से एक है, जोकि एक मनोकामना पूर्ण करने वाला मंदिर माना जाता है। समुद्र सतह से लगभग 7200 फुट की ऊंचाई पर स्थित यह स्थल गंगटोक से लगभग ग्यारह किलोमीटर (11 KM) दूर है। 

ऐसा माना जाता है की लक्ष्मण जी को जीवित करने के लिए भगवान श्री हनुमानजी से हिमालय से जब संजीवनी बूटी लेकर लंका जा रहे थे तब कुछ देर आराम करने के लिए इसी स्थान पर रुके थे। इस मंदिर का रखरखाव भारतीय सेना और स्थानीय लोगों के द्वारा रखा जाता है। 

पार्किग के समीप से ही पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियों वाला रास्ता है, जो ऊपर से प्लास्टिक सीट से ढका हुआ है, साथ-साथ रास्ते के दोनों तरफ घास और फूलो के पौधो से खूबसूरत सजावट की गई है। मंदिर का प्रांगण साफ सुधरा और यहां का माहौल बिल्कुल शांत, चित्त प्रसन्न करने वाला है।