इरोम शर्मिला, सुनकर सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठी एक महिला की तस्वीर खुद ब खुद दिमाग में छा जाती है। 16 साल तक भूख हड़ताल कर आम्र्ड फोर्स स्पेशल पॉवर एक्ट (आफ्सपा) को हटाने की जंग लडऩे वालीं इरोम शर्मिला आज अपना 46वां जन्म दिन मना रही हैं।

इरोम शर्मिला ने 2016 में अनशन तोड़ा, राजनीति में उतरी और शादी भी की। आप उनके जन्मदिन पर हम आपको शर्मिला के जीवन से जुड़ी कुछ खात बातों से रूबरू करवा रहे हैं।

इरोम शर्मिला का पूरा नाम इरोम चानू शर्मिला है। इरोम का जन्म 14 मार्च 1972 को मणिपुर की राजधानी इंफाल के कोंगपाल इलाके में हुआ। 2 नवम्बर 2000 का दिन इरोम की जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव लाया।

इस दिन मणिपुर की राजधानी इंफाल के मालोम में असम राइफल्स के जवानों के हाथों 10 बेगुनाह लोग मारे गए थे। इस घटना ने इरोम की आत्मा को इतना झकझोर दिया कि उन्होंने जवानों के खिलाफ  हड़ताल का फैसला ले लिया।

इरोम सुर्खियों में पहली बार 4 नवंबर 2000 को आईं जब उन्होंने आफ्सपा के खिलाफ  खुली जंग छेड़ते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। इरोम की इस भूख हड़ताल का मकसद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का विरोध और पूर्वोत्तर राज्यों में लागू आफ्सपा को हटाना था।

4 नवम्बर 2000 से लेकर 9 अगस्त 2016 इरोम करीब 16 सालों तक भूख हड़ताल पर रहीं। बीते 16 वर्षों में उनकी हालत कई बार नाज़ुक हुई और उनके जीवन में भी कई उतार-चढ़ाव आए।

इरोम को उम्मीद थी कि वह महात्मा गांधी के नक्शे कदम पर चल 1958 से अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, असम, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और 1990 से जम्मू-कश्मीर में लागू आफ्सपा हटवाने में कामयाब होंगी।


पूर्वोत्तर राज्यों के विभिन्न हिस्सों में लागू इस कानून के तहत सुरक्षा बलों को कानून तोडऩे वालों या नियमों का उल्लंघन करने वालों को गोली मारने या बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार है। शर्मिला इसके खिलाफ  इम्फाल के जस्ट पीस फाउंडेशन नामक गैर सरकारी संगठन से जुड़कर भूख हड़ताल करती रहीं हैं।


16 साल तक अनशन करने वाली और आयरन लेडी के नाम से मशहूर इरोम शर्मिला ने 17 अगस्त 2017 को अपने पुराने मित्र डेसमंड कॉटिन्हो से शादी कर ली थी। इरोम ने तमिलनाडु के कोडइकनाल के उप रजिस्ट्रार के ऑफिस में विवाह किया था।



सब-रजिस्ट्रार राधाकृष्णन की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न हुआ था, यह एक बेहद सादा समारोह था और इस दौरान वहां दूल्हा-दुल्हन के परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे।