तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्तान में भारत लगातार मानवीय सहायताएं भेज रहा है. इसी कड़ी में भारत ने अफगानिस्तान को 3 टन आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं से युक्त चिकित्सा सहायता के चौथे बैच की आपूर्ति की है. ये चिकित्सा सहायता आज काबुल के इंदिरा गांधी अस्पताल सौंप दी गई. यह जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय ने दी है.

मंत्रालय ने कहा कि भारत पहले ही चिकित्सा सहायता के 3 शिपमेंट की आपूर्ति कर चुका है, जिसमें कोरोना वैक्सीन की 500,000 खुराक और अफगानिस्तान को आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं शामिल हैं. साथ ही कहा कि आने वाले हफ्तों में हम अफगानिस्तान के लोगों के लिए मानवीय सहायता के अधिक बैचों की आपूर्ति करेंगे जिसमें दवाएं और खाद्यान्न शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान की मदद की अपील की

बता दें कि अभी हाल ही में अफगानिस्तान के हालातों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनिया गुतरेस ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि अफगानिस्तान एक धागे से लटका हुआ है जिसमें अफगानियों को छोड़ा नहीं जा सकता है. उन्होंने पूरी दुनिया से अपील करते हुए कहा कि सभी को अफगानियों के बेहतर भविष्य और उनकी मदद के लिए आगे ना चाहिए. उन्होंने यहां तक भी कहा कि अफगानिस्तान की मदद करना पूरे विश्व की सुरक्षा को भी बेहद जरूरी है.

गौरतलब है कि अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से वहां के हालात बहुत खराब हो गए हैं. तालिबान लड़ाकों ने महिलाओं और आम लोगों के खिलाफ कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. इसके बाद से वहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है, यह देश भुखमरी के कागार पर पहुंच गया है.