भारत आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है और देश में हर जगह खुशी और देशभक्ति से ओतप्रोत है। यहां उद्धरणों के कुछ संग्रह दिए गए हैं जिन्हें आप अपने स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुभकामनाओं के साथ साझा करना कर सकते हैं 

शीर्ष उद्धरण हैं:

“आजादी किसी भी कीमत पर प्रिय नहीं होती। यह जीवन की सांस है। एक आदमी जीने के लिए क्या भुगतान नहीं करेगा?"

– महात्मा गांधी

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"लोकतंत्र और समाजवाद अंत के साधन हैं, स्वयं अंत नहीं।"

– जवाहर लाल नेहरू

"किसानों की कुटिया से, हल को पकड़कर, झोंपड़ियों से, मोची से, और सफाई करने वाले से नया भारत पैदा हो।"

– स्वामी विवेकानंद

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"यह मत भूलो कि अन्याय और गलत के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है। शाश्वत नियम को याद रखें: यदि आप प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको देना होगा।

– नेताजी सुभाष चंद्र बोस

"जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्त नहीं करते हैं कानून द्वारा जो भी स्वतंत्रता प्रदान की जाती है, वह आपके किसी काम की नहीं है।" -

– बी.आर. अम्बेडकर

“विचारों के पत्थर पर क्रांति की तलवार तेज होती है।”

– शहीद भगत सिंह 

“अपने दुश्मनों की गोलियों का हम सामना करेंगे। आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे।”

– चंद्रशेखर आज़ाद

“कोई सपना नहीं है, और यदि है, तो केवल एक ही है जो आपको मेरे बच्चों को उसी के लिए संघर्ष करते हुए देखेगा और जिसके लिए मेरे समाप्त होने की उम्मीद है।”

– अशफ़ाक़ उल्ला खान

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“सरफ़रोशी की तम्मना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है।”

– राम प्रसाद बिस्मिल

“भारत के प्रत्येक नागरिक को यह याद रखना चाहिए कि वह एक भारतीय है और उसे देश में हर अधिकार है, लेकिन…. कुछ कर्तव्यों के साथ।”

– सरदार वल्लभ भाई पटेल

“हम न केवल अपने लिए बल्कि पूरी दुनिया के लोगों के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास करते हैं।”

– लाल बहादुर शास्त्री

“एक दिन आएगा जब अजेय मनुष्य सभी बाधाओं के बावजूद, अपनी खोई हुई मानवीय विरासत को वापस पाने के लिए विजय के अपने मार्ग पर फिर से लौटेगा।”

– रबीन्द्रनाथ टैगोर

“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।”

– बाल गंगाधर तिलक

“सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा।”

– मुहम्मद इक़बाल