भगवान शिव को समर्पित सावन के पवित्र मास का आरंभ हो चुका है। चारों ओर भक्ति का माहौल है और शिव भक्‍तों में सावन का महीना विशेष उत्‍साह लेकर आता है। पुराणों में भी कहा गया है कि अन्य दिनों के अपेक्षा सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का कई गुना लाभ मिलता है। सनातन धर्म के अनुसार, सावन के महीने में पूजापाठ के साथ ही कुछ नियम भी होते हैं, जिनका पालन करना हर व्‍यक्ति के लिए अनिवार्य है।


इस बात का करें पालन
सावन में शिवजी का अभिषेक करते समय कभी भी हल्दी का प्रयोग ना करें। सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा में हल्‍दी का प्रयोग करना वर्जित है।


ये खाना है वर्जित
शास्त्रों में सावन के महीने में बैंगन का खाना वर्जित माना गया है। उसे अशुद्ध बताया गया है। इसलिए बैंगन को द्वादशी, चतुर्दशी और कार्तिक मास में भी खाने की मनाही कही गई है। हिंदुओं के अलावा जैन धर्म के लोगों में भी बैंगन के खाने की पाबंदी होती है।


दूध का न करें सेवन
सावन में व्रतधारी को दूध का सेवन भी नहीं करना चाहिए। दरअसल सावन में मौसम परिवर्तन होता है, जिससे कई छोटे-छोटे कीड़े-मकोड़े भी पनप जाते हैं। कभी-कभी गाय-भैंस उनको खा जाती हैं, इसलिए उनका दूध हानिकारक हो जाता है। इसलिए अलावा धार्मिक मान्‍यता यह है कि भगवान शिव को भी दूध चढ़ाया जाता है तो दूध का सेवन करना वर्जित है।


मन में न लाएं बुरे विचार
शिवभक्तों को कभी भी सावन में बुरे विचार मन में नहीं लाने चाहिए और न ही किसी की बुराई करनी चाहिए। इस समय धर्म संबंधी किताबों का अध्ययन करना चाहिए।


नहीं करें किसी का अपमान
वैसे तो कभी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए। मगर सावन के महीने में खास तौर पर इस बात का ध्‍यान रखें कि माता-पिता, बुजुर्ग व्यक्ति, भाई-बहन, स्त्री, गरीबों और ज्ञानी लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए।


ऐसा न करें
शास्त्रों में बताया गया है कि सावन में भक्त और ईश्वर के बीच की दूरी कम हो जाती है। इसलिए सुबह देर तक सो कर इसे व्यर्थ नहीं करना चाहिए। सुबह जल्दी उठकर शिवजी की पूजा करनी चाहिए।


मांस-मदिरा का न करें सेवन
हिंदू धर्म में सावन का विशेष महत्व बताया गया है इसलिए इस महीने में मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे आपका मन अशुद्ध होता है और अशुद्ध मन से भगवान की पूजा नहीं की जाती।


साफ-सफाई का रखे ख्याल
सावन में शिव भक्ति के लिए आपके आसपास सकारात्मक माहौल बहुत जरूरी है। उसके लिए आप हमेशा अपने घर में साफ-सफाई रखें। घर में पुरानी पड़ी और प्रयोग में न आने वाली वस्‍तुओं को हटा देना चाहिए।


ब्रह्मचर्य का करें पालन
पुराणों के अनुसार सावन महीने में स्त्री-पुरुष प्रसंग से बचना चाहिए। ब्रह्मचर्य व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए। इससे नरक की यातना भुगतनी पड़ती है और अगले जन्म में पशु योनी में जन्म लेना पड़ता है।