पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने अक्षय कुमार और तापसी पन्नू स्टारर फिल्म 'नाम शबाना' पर बैन लगा दिया है। बोर्ड ने फिल्म के कुछ सीन्स को लेकर आपत्ति जताई थी। इन्हें हटाने के बाद 31 मार्च को रिलीज की इजाजत दी थी। 

इस्लामाबाद के एक थियेटर में फिल्म बिना कट के दिखाए जाने को इसकी वजह बताया गया है। पिछले साल दोनों देशों के बीच तनाव के चलते कई फिल्मों पर रोक लगी थी। लेकिन इस साल सेंसर बोर्ड ने बॉलीवुड फिल्मों से बैन वापस ले लिया। 

सेंसर बोर्ड के एक अफसर ने कहा, 'ऑर्डर के बावजूद बिना कट के फिल्म दिखाई जा रही थी। इसीलिए हमने इसे बैन करने का फैसला लिया। फिल्म में आतंकवाद से जुड़े कुछ सीन गलत तरीके से पेश किए गए हैं। इन्हें हटाना जरूरी है।'

बता दें कि नाम शबाना एक एक्शन थ्रिलर मूवी है। जिसमें तापसी पन्नू और मनोज वाजपेयी लीड रोल में हैं। यह फिल्म पिछले साल आई बेबी की प्रीक्वल है। इसमें तापसी ने एक भारतीय जासूस का रोल प्ले किया है।

ये बॉलीवुड फिल्में हुई है PAK में बैन

क्या कूल हैं हम

वजह:फिल्म के कंटेंट को अश्लील बताते हुए कहा गया कि ये फैमिली के साथ नहीं देखी जा सकती।

बाजीराव मस्तानी

वजह:फिल्म को इस्लाम विरोधी बताते हुए ये भी कहा गया कि इसमें इतिहास से छेड़छाड़ की गई है।

बेबी

वजह:कहा गया कि इसमें हाफिज सईद से मिलता-जुलता एक कैरेक्टर है। इसके अलावा ये पाकिस्तान को नीचा दिखाने की साजिश है।

फैंटम

वजह:कहा गया कि इसका प्लॉट 26/11 के हमलों से इन्सपायर्ड है। पाकिस्तान आर्मी की तौहीन की गई है।

हैदर

वजह:पाकिस्तान का कश्मीर पर जो स्टैंड है, इस फिल्म का प्लॉट उससे मैच नहीं करता। इसलिए बैन की गई।

द अटैक्स ऑफ 26/11

वजह: फिल्म में पाकिस्तानी की साजिश को साफ तौर पर दिखाया गया था। इस फिल्म में कसाब की कस्टडी भी दिखाई गई थी।

एजेंट विनोद

वजह:सैफ अली को भारतीय जासूस दिखाया गया था। इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का जिक्र था। इसलिए बैन हुई।

एक था टाइगर

वजह:सलमान खान को रॉ एजेंट के तौर पर दिखाया गया जो आईएसआई की साजिश को अकेला नाकाम कर देता है।