प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के दिन पर 70 साल बाद नामीबिया से भारत आये 8 चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा है। कूनों के क्वारंटाइन बाड़े में तीन नर और पांच मादा चीतों को छोड़ा गया है। अब इन नए और ख़ास मेहमानों की सुरक्षा के लिए पार्क प्रबंधन ने सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए हैं। इसके तहत इन चीतों की सिक्योरिटी दो हाथी करेंगे।

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चीतों के पुनर्वास से पार्क प्रबंधन की बड़ी चिंता

आपको बता दें की श्योपुर जिले के कूनो पालपुर में चीतों के पुनर्वास से पार्क प्रबंधन की बड़ी चिंता इनकी सुरक्षा को लेकर है। इस वजह से प्रबंधन ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के दो हाथियों 41 वर्षीय सिद्धनाथ व 10 वर्षीय लक्ष्मी को बीते एक माह से विशेष प्रशिक्षण देकर पार्क में तैनात किया है। ये दोनों हाथी चीतों की निगरानी के साथ उनके आसपास किसी हिंसक पशु को भटकने से भी रोकेंगे।

रेस्क्यू आपरेशन में महारथ हासिल

खबर है की सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के इन दोनों हाथियों को किसी भी वन्यप्राणी को काबू करने, गश्त करने या रेस्क्यू आपरेशन में महारथ हासिल है। इन कार्यों के लिए ये विशेष तौर पर प्रशिक्षित हैं। लक्ष्मी व सिद्धनाथ की इन्हीं खूबियों को देखते हुए उन्हें एक पखवाड़े पहले कूनो पहुंचाया गया। यहां इन्हें चीतों को क्वारेंटाइन रखने के लिए बनाए गए विशेष बाड़े के समीप तैनात किया गया है।

मिला विशेष रिफ्रेशर प्रशिक्षण

कूनो में भी पिछले पंद्रह दिन के दौरान इन दोनों ही हाथियों के लिए विशेष रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। नामीबिया से लाए गए सभी चीते विशेष बाड़े में एक माह तक क्वारेंटाइन रहेंगे। इस दौरान लक्ष्मी व सिद्धनाथ भी कूनो में ही इनकी निगरानी करेंगे। बाड़े के अंदर या आसपास कोई अन्य वन्यप्राणी न आए इसके लिए सिद्धनाथ और लक्ष्मी लगातार गश्त भी करेंगे।

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फेमस है लक्ष्मी और सिद्धनाथ 

हालाँकि, जरुरत पड़ने पर कूनो में इनकी तैनाती की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। लक्ष्मी और सिद्धनाथ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मढ़ई में जाना-पहचाना नाम है। ये वहां अपने चार साथियों अंजूगम, स्मिता ,प्रिया व विक्रमादित्य के साथ रहते आए हैं। हाल ही में मढ़ई में हाथी महोत्सव मनाया गया। इसमें अन्य रिजर्व क्षेत्र के हाथी भी शामिल हुए,लेकिन कूनो में विशेष ड्यूटी पर होने के कारण लक्ष्मी और सिद्धनाथ इस महोत्सव में शामिल नहीं हो सके।

अस्थायी चौकी बनाकर नजर रखी जाएगी

कूनो पार्क का जंगल पड़ोसी जिले शिवपुरी और राजस्थान के जिले बारां से सटा हुआ है। यह जंगल राजस्थान के मुकुंदरा हिल टाइगर रिजर्व, रथंबोर नेशनल पार्क तक कारिडोर भी बनाता है। यह भी डर है कि जंगल में छोड़े जाने के बाद चीते इस कारिडोर पर न चल पड़ें, इसलिए शिवपुरी और बारां जिले की सीमाओं तक अस्थायी चौकी बनाकर नजर रखी जाएगी।