पूरे देश के साथ ही असम में भी रविवार को प्रकाश का पर्व दीपावली पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। हालांकि इस बार दीपावली राज्यवासी अलग अंदाज में मनाया। चीन निर्मित सामग्रियों के बदले उत्सव में स्थानीय सामानों का उपयोग किया गाया। मिट्टी के दीए का भी इस बार प्रचलन बढ़ा है, जिसके चलते मिट्टे के दीए से जुड़े लोगों के कारोबार में काफी उछाल देखा गया।


दीपावली के साथ ही राज्य में काली पूजा का भी आयोजन बड़े उत्साह के साथ स्थायी मंदिरों के अलावा पंडालों में भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इस तरह का आयोजन सामूहिक तौर पर भी विभिन्न संगठनों के द्वारा किया जा रहा है।


दीपावली के मौके पर सुबह से ही घर, दुकान, प्रतिष्ठान आदि में सफाई और सजावट का दौर आरंभ हो गया। इस बार की दीपावली खास मायने रखती है। कारण राज्यवासियों ने चीन निर्मित सामानों के बदले देसी सामानों के साथ दीपावली मनाने का निर्णय लिया। जिसके चलते मिट्टी के दीए की जमकर बिक्री हुई है। वर्षों बाद मिट्टी के सामान बनाने वालों के चेहरे खिले-खिले नजर आ रहे हैं।


दीपावली के पावन पर्व पर राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, भाजपा के अध्यक्ष रंजीत कुमार दास, अगप के अध्यक्ष अतुल बोरा, कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा, बीपीएफ के अध्यक्ष हग्रामा मोहिलारी, एआईयूडीएफ के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल समेत विभन्न नेताओं ने राज्यवासियों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं।