मुंबई में कोरोना वायरस के 3,671 नए मामले दर्ज किए गए हैं. यह पिछले दिन ेसे 46 फीसदी ज्यादा हैं. वहीं 371 लोग ठीक हुए हैं. फिलहाल मुंबई में एक्टिव मामलों की संख्या 11, 360 है. मुंबई में आए 3671 मामलों में से 20 मामले धारावी में दर्ज किए गए हैं जो कि 18 मई के बाद से सबसे ज्यादा हैं. मुंबई में बुधवार को 2510 नए मामले दर्ज किए गए थे.

वहीं महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 3900 के करीब था. मुंबई में रोजाना के तौर पर मामलों में आ रहे इस तरह के उछाल के चलते प्रशासन की चिंताएं भी बढ़ गई हैं. बता दें मुंबई समेत दिल्ली, बेंगलुरू, चेन्नई, गुड़गांव, अहमदाबाद, नासिक में पिछले कुछ ही दिनों में तेजी से मामले बढ़े हैं जिसके चलते देश में आ रहे कुल मामलों में भी इजाफा हुआ है. एक्सपर्ट्स इसके लिए संक्रमण के नए वेरिएंट को जिम्मेदार मान रहे हैं. महाराष्ट्र उन पांच राज्यों में शामिल है जहां कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव मामले हैं.

 

मामलों में आ रही तेजी को देखते हुए प्रतिबंधों की भी वापसी हो रही है. कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के फैलने के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने होटल और रेस्तरां सहित किसी भी बंद या खुली जगह में नए साल के जश्न और जमावड़े पर रोक लगा दी है. पुलिस के आदेश में होटल, रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल, बार, पब, आर्केस्ट्रा, रिसॉर्ट, क्लब और इमारतों की छतों सहित किसी भी बंद या खुली जगह में नए साल के समारोहों, कार्यक्रमों और जमावड़े पर रोक लगा दी गई है. आदेश में कहा गया है कि ट्रेन, बसें और निजी कारें मौजूदा दिशा-निर्देशों और नियमों के अनुसार चल सकती हैं.

आदेश में कहा गया है कि कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी और ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामने आने के बाद से मुंबई में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. इसमें कहा गया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश मानव जीवन के लिए खतरे को रोकने, लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए तथा वायरस के प्रसार को कम करने के लिए जारी किए गए हैं. आदेश में कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा) के साथ-साथ महामारी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के तहत दंड के लिए उत्तरदायी होगा.