वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में अपना दूसरा बजट पेश करेंगी। एक रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान देश के हजारों बैंक कर्मचारी बैंक हड़ताल पर बैठ सकते हैं। दरअसल बैंक कर्मचारियों की यूनियन बजट 2020-21 से उम्मीद है कि वित्त मंत्री उनके वेतन संबंधी संकटों को हल करने में हस्तक्षेप करें।

आपको बता दें कि 31 जनवरी और 1 फरवरी को बैंक बजट के बाद बैंक यूनियनों ने 11 मार्च से तीन दिन की हड़ताल और 1 अप्रैल से एक और अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की धमकी दी है।

13 जनवरी को भारतीय बैंक संघ के साथ वेतन संबंधी मुद्दों पर 11वीं द्विदलीय वार्ता के बाद 9 बैंक यूनियनों के एक समूह यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) ने एक आंदोलन की घोषणा की है। पीएसयू बैंकों के कर्मचरियों का प्रमुख मुद्दा वेतन वृद्धि से संबंधित है। बजट से पहले भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ (BEFI) ने अपने सभी सदस्यों को निर्मला सीतारमण को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपकर उचित और उचित वेतन समझौता करने की मांग की है।

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