आज के समय में बढ़े हुए वजन से ज्यादा अगर लोग किसी चीज से परेशान हैं तो वह है उनका बैली या साइड्स पर जमा फैट। बैली फैट न केवल मोटे लोगों पर होता है। बल्कि यह आपको पतले लोगों की कमर पर भी देखने को मिल जाता है। आमतौर पर यह पुरुषों पर अधिक दिखाई देता है। लेकिन जब महिलाएं मेनोपॉज की स्थिति में आती हैं तो उनके शरीर पर बैली फैट बढ़ने के आसार बहुत ज्यादा हो जाते हैं।

वहीं बैली फैट महज थोड़ी सी चर्बी नहीं है। बल्कि यह कई खतरनाक बीमारियों को पैदा करने के लिए भी जिम्मेदार मानी जाती है, जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और सांस से जुड़ी बीमारियां आदि।  बैली फैट हार्मोन इंबैलेंस, खराब मेटाबॉलिज्म, जेनेटिक और खराब जीवन शैली का प्रमाण भी है। राहत की बात यह है कि बैली फैट को आसानी से और सही तरीके से घटाया जा सकता है और खुद को इन जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है। आइए जानते हैं डॉक्टर दीक्षा से ही ऐसे 5 तरीके जिनके जरिए बैली फैट को आसानी से बर्न किया जा सकता है।

​कम से कम 12 बार करें सूर्य नमस्कार

 कई बॉलीवुड और नामी हस्तियों को सूर्य नमस्कार करते हुए देखा होगा। अब बारी आपकी है कि आप भी इस प्रसिद्ध योगासन को अपनाएं। आपको बता दें कि सूर्य नमस्कार हार्मोन बैलेंस करने के लिए और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के लिए एक बेहतरीन योगासन है।

इसके अलावा यह आपके मानसिक स्वास्थ्य और नींद को भी बेहतर करता है। साथ ही यह पेट की अग्नि को भी बढ़ाता है जिसके जरिए ना केवल पाचन क्रिया दुरुस्त होती है। बल्कि आपका बैली फैट भी तेजी से घटने लगता है।

​अच्छी नींद जरुरी 

आप जितनी अच्छी तरह सोएंगे उतनी ही आसानी से आपका वजन भी घटने लगेगा। अच्छी नींद न केवल आपके बैली फैट को बर्न करने में सहायक होती है। बल्कि यह लिवर को डिटॉक्स करने, हार्मोन्स के संतुलित करने, वजन घटाने, और स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को भी घटाने में मदद करती है। इससे शरीर और मस्तिष्क दोनों को आराम मिलता है और आप अधिक ऊर्जावान भी रहते हैं।

​गर्म पानी पीना

गर्म पानी ना केवल बैली फैट को घटाने में कारगर माना जाता है। बल्कि यह मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। इसके अलावा इससे पूरी बॉडी का फैट घटाया जा सकता है। साथ ही गर्म पानी के सेवन से पेट फूलने, गैस, भूख न लगना और हर समय भारी महसूस होने की समस्या को भी खत्म किया जा सकता है।

​इंटरमिटेंट फास्टिंग

कुछ समय में ही इंटरमिटेंट फास्टिंग लोगों में बेहद प्रसिद्ध हो गई है। आपको बता दें कि इस फास्टिंग के दौरान भोजन के बीच 8 घंटे का अंतराल होता है और केवल दो ही बार भोजन किया जा सकता है। मुख्य रूप से यह फास्टिंग बैली फैट घटाने के लिए ही की जाती हैं। वहीं अगर सर्कैडियन इंटरमिटेंट फास्टिंग की बात करें तो इसमें व्यक्ति सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना होता। इसलिए सूर्यास्त से कुछ देर पहले या कुछ देर बाद ही आखिरी भोजन किया जाता है। इसमें अधिकतम आखिरी भोजन रात 8 बजे से पहले करना होता है।

​1000 कपालभाति प्राणायाम

कपालभाति के एक दो नहीं बल्कि कई लाभ हैं। ऐसे लोग जो पाचन संबंधित समस्याओं, गैस्ट्रिक समस्या, और अनिद्रा की समस्या से पीड़ित हैं। उन लोगों को कपालभाति प्राणायाम जरूर आजमाना चाहिए। डॉक्टर दीक्षा के मुताबिक कपालभाति प्राणायाम ब्लड सर्कुलेशन, पाचन, और बैली फैट घटाने में खासा मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा डॉक्टर दीक्षा कहती हैं कि वह महिलाएं जो मासिक धर्म में अधिक ब्लीडिंग की समस्या से जूझ रही हैं।उनके लिए भी लाभदायक हो सकता है।