नरेंद्र मोदी सरकार का बहुप्रतीक्षित बिल जीएसटी (वस्तु एवं सेवा केर) शुक्रवार की मध्यरात्रि से लागू हो जाएगा। 

जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देशभर के सभी राज्यों  में एक जुलाई से जीएसटी सभी अप्रत्यक्ष करों का स्थान लेगा। 

दावा किया जा रहा है कि जीएसटी देश में कर सुधार के क्षेत्र में सबसे बडा कदम है। जीएसटी काउंसिल ने दूध, फल-सब्जी, पेट्रोल, बच्चों की प्रिंटेड बुक्स, पूजा सामग्री जैसी 80 वस्तुओं को जीएसटी के दायरे  से बाहर रखा है। 

इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा । इनके अलावा स्वास्थ  और शिक्षा सेवा क्षेत्र को भी जीएसटी के दायरे  से बाहर रखा गया है। 

जीएसटी काउंसिल ने सभी वस्तुओं और सेवाओं को चार टैक्स स्लैब (5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत) में बांटा है। काउंसिल ने 1 2,011 वस्तुओं को इन चार वर्गों  में रखा है। सिगरेट, शराब, पेट्रोलियम उत्पादों के अलावा जूट, मीट, मछली, चिकन , अंडा दूध छाछ दही प्राकृतिक शहद ताजा फल, सब्जियां आटा  ,बेसन, मैदा , ब्रेड, कॉफी, गुड़, वेजिटेबल आयल , प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर मुद्रित किताबें, अखबार, चूडियां, हैंडलूम, अनाज, काजल, बच्चों की ड्राहंग, कलर बुक, गर्भनिरोंधकों, हैंडलूम प्रोडक्ट इत्यादि पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा।

एक हजार रुपए से केम कीमत वाले होटल और लॉज , जयूडिशियल डॉक्यूमेंटूस, स्टाम्प  पेपर को भी जीएसटी से बाहर रखा गया है।

संविधान में 122वें संशोधन विधेयक के जरिए देश में लगने वाले सभी अप्रत्यक्ष करों की जगह एक जुलाई 2017  से केवल एक टैक्स वस्तु एवं सेवा कर लगाया जा रहा है। बता दें कि दुनिया के 150 से अधिक देशों में ऐसो ही कर व्यवस्था लागू है। 

किस चीज पर  कितना टैक्स : जीएसटी परिषद ने सभी वस्तुओं और सेवाओं को चार टैक्स स्लैब (पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत) में विभाजित किया है। जीएसटी परिपत्र ने 1 2,01 1 वस्तुओं को हन चार वनों में रखा है। आम जनता के लिए उपयोगी करीब 80 वस्तुओं पर शून्य टैक्स (कर मुक्त) लगेगा।