भारत में घूमने लायक कई खूबसूरत पर्यटन स्थल मौजूद हैं जहां जाकर आप खुद को रिलैक्स कर सकते हैं। हमारा देश विविध संस्कृतियों से भरा हुआ देश है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन की दृष्टि से भारत में घूमने लायक कई ऐसी जगहें हैं जो अपनी खूबसूरती से आपका मन मोह लेंगी। आज हम आपको देशभर के उन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के बारे में जान जाएंगे जो अपनी-अपनी कैटगरी में बेस्ट हैं। ऐसी जगहें, जहां आपको एक बार तो जरूर होकर आना चाहिए।


राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क
राजस्थान में ढेर सारे किले हैं। खूब सारे महल हैं। यहां जोधपुर में एक किला है- मेहरानगढ़। ये भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है। इसी के अंदर है अपना ये वाला डेस्टिनेशन- राव जोधा डेज़र्ट रॉक पार्क। ये बना है ज्वालामुखी (वॉल्केनिक) चट्टानों और रेतीले पत्थरों से मिलकर। समझिए कि करीब 70 हेक्टेयर के इलाके में फैला है ये। दशकों से इसपर ध्यान नहीं दिया गया था। इसीलिए ये सूनसान पड़ा था। फिर इस पार्क का काम 2006 में शुरू हुआ। आम जनता को इसमें एंट्री मिली 2011 में। राव जोधा पार्क के साथ-साथ जोधपुर शहर के हिस्सों और जसवंत थड़ा स्मारक का सुन्दर नज़ारा भी दिखाई देता है। गुलमर्ग, जम्मू-कश्मीर
एशिया के सातवें सबसे अच्छे स्कीइंग वाले लोकेशन के रूप में गुलमर्ग को चुना गया था। ये इंडिया में विंटर स्पोर्ट्स का बड़ा सेंटर है। यहां दुनिया का सबसे ऊंचा गोल्फ कोर्स है। समुद्रतल से 2,650 मीटर की ऊंचाई पर। हज़ारों टूरिस्ट यहां स्कीइंग, टोबगानिंग, स्नोबोर्डिंग और हेली-स्कीइंग करने आते हैं। 1968 में केंद्र सरकार ने यहां स्कीइंग ट्रेनिंग और माउंटेनियरिंग की ट्रेनिंग के लिए यहां एक संस्थान शुरू किया। खिलनमार्ग गुलमर्ग में एक छोटी से घाटी है जो ठण्ड में गुलमर्ग मे स्कीइंग करने की सबसे मस्त जगह है।कैसे पहुंचे
रेलवे, रोडवेज़, और बाय एयर जा सकते हैं।स्वर्ण मंदिर, अमृतसर
सिखों का सबसे पवित्र धर्मस्थल हरमिंदर साहिब या स्वर्ण मंदिर है। इस गुरूद्वारे का निर्माण 1581 में गुरु अर्जन देव ने शुरू किया था। इसे पूरा होने में 8 साल लग गए थे। स्वर्ण मंदिर को कुछ सोचकर अमृतसर शहर के लेवल से थोड़ा नीचे बनाया गया, ताकि ऊपर से नीचे आने में लोग अपना अहंकार छोड़कर आएं। 1830 में गुरूद्वारे के गर्भ में महाराजा रणजीत सिंह ने सोना लगवाया था। 2016 में अमृतसर के टाउनहॉल से हरमिंदर साहिब तक की रोड के दोनों तरफ की इमारतों को रीवैम्प करवाया गया था।पहुंचे कैसे- दिल्ली से सीधी फ्लाइट हैं। और देश के किसी भी पार्ट से रेलवे और रोड वेल कनेक्टेड है।श्रीनगर-लेह
श्रीनगर से लेह तक जाने वाली 400 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी ये सड़क पहले ड्राइविंग के लिए बहुत खराब हुआ करती थी। मगर अब BRO ने इसपर काफी मेहनत खपाई है अपनी। इतनी कोशिशों से सड़क बन गई है अच्छी-खासी। झन्नाटेदार मज़ा आता है इसपर। इस सड़क की वजह से बॉर्डर के आस-पास के इलाके पहुंच में आ गए हैं। जोजि ला का रास्ता पहले बड़ा खतरनाक होता था, लेकिन अब ये सीन बदल गया है। लेह से शुरू होकर से सड़क सिंधु के साथ-साथ आगे बढ़ती है। पत्थर साहिब गुरुद्वारा और मैग्नेटिक हिल तक की जर्नी में सिंधु-जांस्कर नदियों के संगम पर बसे अलची के प्राचीन गांव तक पहुंचती है। ऊंची कितनी है मालूम? जांस्कर रेंज की चढ़ाई के बाद फोटू ला को पार करिए, तो 14 हज़ार फुट की ऊंचाई पर पहुंच जाएंगे।