गुजरात में स्थित अलौकिक स्तंभेश्वर महादेव मंदिर में शिवशंभु का जलाभिषेक करने खुद दरिया आता है। जी हां, गुजरात के भरुच जिले की जम्बूसर तहसील में एक गांव है कावी।

यूं मानचित्र में इस गांव की स्थिति खम्भात की खाड़ी के सामने की ओर है। समुद्र के किनारे स्थित इस गांव में स्तंभेश्वर महादेव का मंदिर है।  

समुद्र के इस किनारे पर दो बार ज्वार-भाटा आता है। ज्वार के समय समुद्र का पानी मंदिर के अंदर आता है और शिवलिंग का अभिषेक दो बार कर वापस लौट जाता है। लोक मान्यता है कि स्तंभेश्वर मंदिर में स्वयं शिवशंभु विराजे हैं, इसलिए समुद्र देवता खुद उनका जलाभिषेक करते हैं।


ज्वार के समय शिवलिंग पूरी तरह से जलमग्न हो जाता है। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यह प्रक्रिया सदियों से सतत चल रही है। हमने इस नियम को टूटते कभी नहीं देखा।


स्तंभेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि और हर अमावस्या पर मेला लगता है। प्रदोष, पूनम और ग्यारस को पूरी रात यहां चारों प्रहर पूजा-अर्चना होती है। दूर-दूर से श्रद्धालु दरिया द्वारा शिवशंभु के जलाभिषेक का अलौकिक दृश्य देखने यहां आते हैं।