मेघालय के एक टूरिस्ट कैंप में प्लास्टिक की बोतलों को री-यूज करने का अनोखा तरीका सामने आया है। इस कैंप में प्लास्टिक की बोतलों से फ्लोटिग मैट्रेस यानी तैरती हुई चटाईयां बनाई है। इन चटाईयों पर लोग वहां की साफ—सुथरी नदियों में बिछाकर आराम फरमाते नजर आते हैं। माना जा रहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक को री-यूज करने का उनका यह तरीका जबरदस्त है। 

पूर्वोत्तर भारत के राज्य प्राकृतिक दृष्टि से बेहद खूबसूरत हैं। इसी वजह से यहां लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं जो सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करते हैं, जिनमें पानी की बोतलें, चिप्स पैकेट और अन्य पैक्ड आइटम होते हैं। लेकिन इस कैंप ने खाली बोतलों को फिर से काम में ले​ने का जो तरीका निकाला है उसकी तरफ तारीफ हो रही है। इस एडवेंचर कैंप का नाम बोहबार है जहां यह नया तरीका इजाद किया गया है।

इस कैंप के मैनेजर कहना है कि उनके यहां पर केवल फ्लोटिंग मेट्रेस ही है जिनको हाल ही में बनाया गया है। उनका मकसद अब इस तरह की और चटाईयां बनाने का है जिससें अधिक लोग पानी में तैरती हुई चटाई पर सोने का आनंद ले सकें।