भुवनेश्वर से लगभग 60 किमी. दूर बसा पुरी घूमने के लिहाज से बहुत ही अच्छी जगह है। मंदिर, बीच के अलावा यहां का नंदनकानन अभ्यारण्य भी देखने वाली खूबसूरत जगहों में से एक है। बारंग रेलवे स्टेशन के निकट कोलकाता-चेन्नई रेलवे लाइन के साथ स्थित नंदनकानन प्राणी विज्ञान पार्क की स्थापना 27 दिसंबर, 1960 को की गई थी। यह पुरी से लगभग 75 किमी की दूरी पर स्थित है।

नंदनकानन का अर्थ है-आनंद का बाग। कंजिया झील के पानी के साथ-साथ भुवनेश्वर से 20 किमी की दूरी पर चिडिय़ाघर, वनस्पति बगीचे और अभयारण्य का यह संयोजन आपको सहज ही मोह लेगा। यह प्राणी विज्ञान पार्क 362 हेक्टेयर के वन क्षेत्र, प्राकृतिक बंजरभूमि तथा केझिया झील में फैला है, जो 66 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में विस्तारित है। यहां स्तनधारियों की 46 प्रजातियों, पक्षियों की 59 प्रजातियों तथा रेंगने वाले जीवों की 21 प्रजातियों का पोषण होता है। श्वेत बाघों के अतिरिक्त, कई लुप्त प्राय प्रजातियां, जैसे-संघाई, लायन टेलड, नीलगिरि लंगूर, भारतीय पांगोलिन, माउस डियर तथा असंख्य पक्षी, रेंगने वाले जीव तथा मछलियां यहां वास कर रही हैं। नंदनकानन प्राणी विज्ञान पार्क ओडिशा के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में से एक है। 

विविध प्रकार के पशुओं के साथ नंदनकानन का अद्वितीय प्राकृतिक परिवेश समस्या ग्रस्त जंगली पशुओं के पुनर्वास केंद्र और घायल तथा अशक्त पशुओं के लिए बचाव केंद्र के रूप में भी कार्य करता है। केवल बारिश के महीनों को छोडक़र यहां साल भर पर्यटकों के आगमन के लिए अनुकूल मौसम रहता है। यह प्रदेश सडक़, रेल एवं हवाई मार्ग से बेहतर जुड़ा हुआ है। प्रमुख हवाई अड्डा राजधानी भुवनेश्वर में है, जो कि श्रीक्षेत्रधाम पुरी एवं अन्य तमाम तीर्थ स्थलों व पर्यटनो स्थलों के केंद्र में है। रेल मार्ग के जरिए पर्यटक भुवनेश्वर एवं पुरी दोनों ही शहरों में मौजूद पर्यटन स्थल के लिए आसानी से आवागमन कर सकते हैं।