कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबार की कमर तोड़ के रख दी है। लॉकडाउन खुलने के बाद पर्यटन कारोबार अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट ही रहा था लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर एक बार फिर से संकट के बादल छाने शुरू हो गए हैं। ऐसे में होटल कारोबारियों को आर्थिक संकट के साथ कोरोना का डर सता रहा है। 

शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने आज यहां कहा कि बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले पर्यटकों से सबसे पहले होटल कारोबार से जुड़े लोग आते हैं इसलिए उन्होंने पहले भी सरकार से मांग की थी कि सबसे पहले होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का वेक्सीनेसशन किया जाए। ऐसे में अगर कोरोना प्रभावित पर्यटक होटल में आएगा तो उन्हें ज्यादा खतरा नहीं होगा। संजय सूद ने कहा कि कारोबार अभी पटरी पर लौट ही रहा था कि कोरोना के बढऩे के कारण वीकेंड में काफी बुकिंग कैंसिल हो गई है। 

होटल इंडस्ट्री को काफी नुकसान हुआ है और अभी आगे भी इंडस्ट्री इससे उभरती हुई नजर नहीं आ रही है। सरकार को इस संकट की घड़ी में होटल कारोबारियों का साथ देना चाहिए और पूरा कूड़ा बिजली पानी मे टैक्स को माफ करना चाहिए ताकि इन विपरीत परिस्थितियों से उभरा जा सके। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटकों को आने की अनुमति प्रदान की है। इसके साथ वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं का होटल मालिकों तथा पर्यटकों द्वारा कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।