England से जॉब छोड़ आई थी चुनाव लड़ने, नतीजों ने कर दिया इनको हैरान

Daily news network Posted: 2018-12-13 17:09:28 IST Updated: 2019-01-02 17:33:35 IST
England से जॉब छोड़ आई थी चुनाव लड़ने, नतीजों ने कर दिया इनको हैरान
  • विदेश में पढ़ाई करने के बाद अच्छी जॉब कर रहीं थी लेकिन राजनीति में पिता का साथ देने के लिए बेटियां अपने देश वापस आ गर्इं।

आइजोल।

विदेश में पढ़ाई करने के बाद अच्छी जॉब कर रहीं थी लेकिन राजनीति में पिता का साथ देने के लिए बेटियां अपने देश वापस आ गर्इं। पिता राजनीति में थे और विधानसभा चुनाव में दो सीट से चुनाव लड़ रहे थे। पिता के साथ दोनों बेटियां भी दो-दो सीटों से चुनावी मैदान में उतर गईं। इरादा राजनीति में आकर हालात बदलने का था लेकिन चुनावी नतीजों ने हैरान कर दिया। छह सीटों पर तीनों में से कोई भी 1000 वोटों का भी आंकड़ा नहीं छू सका। पिता और उनकी दोनों बेटियों को सभी छह सीटों को मिलाकर कुल 1516 वोट मिल पाए। तीनों दो-दो यानी कुल छह सीटों पर चुनाव लड़े थे।


 

पिता आैर दो बेटियांं छह सीटों से थे चुनावी मैदान में

 मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजों में साफ तौर पर मिजो नेशनल फ्रंट को बहुमत मिला आैर कांग्रेस के हाथ से सत्ता छिन गर्इ। एमएनएफ, कांग्रेस,भाजपा सहित कई और भी पार्टियां मैदान में थीं, उसी तरह से ज़ोरम थार पार्टी भी चुनाव मैदान में थी। जाइछावना हलवांडो (Zaichhawna Hlawndo) द्वारा बनाई गई जोरम थार पार्टी ने खूब प्रचार प्रसार किया। जाइछावना ह्लौंडो की बेटियों ललरुअतफेली हलवांडो और ललहिरजेली हलवांडो को पता चला तो वह पिता का हाथ बंटाने इंग्लैंड से मिजोरम आ गईं।


 

मिजोरम में लाना चाहती थी बदलाव

 जाइछावना की दोनों बेटियां इंग्लैंड में थीं। इनमें से 26 साल की ललरुअतफेली इंग्लैंड में पढ़ाई पूरी करने के बाद बाइबिल कॉलेज में अफसर थीं। वह अपनी 28 साल की बड़ी बहन ललहिरजेली के साथ वह मिजोरम आ गईं। यहां आने के बाद दोनों ने चुनाव लड़ने का फैसला किया। मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में ललरुअतफेली ने कहा कि वह मिजोरम बदलना चाहती हैं। यहां भ्रष्टाचार है। महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं हैं। वे युवा हैं, इसलिए युवाओं के लिए कुछ करना चाहती हैं। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर वह चुनाव मैदान में उतरी थीं।


 हाथ लगी बस निराशा

 11 दिसंबर को आये नतीजों से पिता के साथ ही इन दोनों बेटियों के हाथ भी घोर निराशा हाथ लगी। तीनों सभी छह सीटों पर बुरी तरह से चुनाव हार गए। पिता जाइछावना मिजोरम की आइज़वाल वेस्ट-1 व सेरचिप से चुनाव लड़े। उन्हें यहां 228 व 278 वोट मिले। 28 साल की उनकी बेटी ललहिरजेली आइज़ाॅल नॉर्थ-2 व लेंगटोंग सीट से प्रत्याशी थीं। उन्हें क्रमशः 98 व 77 वोट मिले, जबकि 26 साल की ललरुअतफेली को 700 व 135 वोट मिले। वह आइज़वाल नार्थ-1 व तेइकुम सीट से चुनाव लड़ी थीं। तीनों ही सभी जगहों पर चौथे-पांचवें स्थान पर रहीं।



 सोशल मीडिया पर हार के साथ खूबसूरती की भी चर्चा

 इन दोनों बहनों ने चुनाव के दौरान कहा था कि वह काफी कुछ बदलना चाहती हैं। ललरुअतफेली हलवांडो ने कहा था कि अगर वो चुनाव जीतीं तो समाज में गरीबी व बेरोजगारी दूर करने के लिए अपना सब कुछ झोंक देंगी। मिजोरम की महिलाओं के लिए नया मार्केट तैयार करके रोजगार के नए अवसर मुहैया कराएंगीं, लेकिन उनके ये वादे लोगों को नहीं भाए। सोशल मीडिया पर हार और इनकी खूबसूरती भी चर्चा का विषय बनी हुई है।