असमः इन पांच महिलाओं ने की अनोखी पहल, महिलाआेंं के लिए बना रही हैं सैनीटरी नैपकिन

Daily news network Posted: 2018-04-30 17:49:27 IST Updated: 2018-04-30 19:44:24 IST
असमः इन पांच महिलाओं ने की अनोखी पहल, महिलाआेंं के लिए बना रही हैं सैनीटरी नैपकिन
  • असम के चाय बागान इलाकों में रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से एपीजे चाय एस्टेट की पांच महिलाआें ने खोबोंग चाय बागान में एक सैनेटरी नैपकिन उत्पादन यूनिट की स्थापना की है।

गुवाहाटी।

असम के चाय बागान इलाकों में रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से एपीजे चाय एस्टेट की पांच महिलाआें ने खोबोंग चाय बागान में एक सैनेटरी नैपकिन उत्पादन यूनिट की स्थापना की है। बता दें कि स्वस्थ वुमन वर्क फोर्स सबसे ज्यादा मायने रखती है क्योंकि वह सीधे उत्पादन आैर उत्पादकता काे प्रभावित करती है। व्यक्तिगत स्वच्छता महिलाओं की प्रजनन क्षमता समेत कर्इ तरीकों से प्रभावित करती है।

 

 


जब लड़कियों को मासिक धर्म होता है तब उन्हें अपनी असुविधा आैर अस्पष्ट प्रथाआें के कारण स्कूल में अनुपस्थित रहना पड़ता है। इन सारी परेशानियों को देखते हुए इन महिलाआें ने सैनिटरी नैपकिन बनाने की पहल की है ताकि महिलाआें को स्वच्छ आैर सुविधाजनक जीवन दे सकें।

 

 

 

एपीजे चाय के सलाहकार सीएसआर शिखा मुखर्जी ने कहा, "यह परियोजना महिलाआें के लिए अजीविका पैदा करेगी। इसके साथ उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत कम लागत वाली नैपकिन का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये यूनिट हर रोज करीब  300-450 नैपकिन का बनाती है। लेकिन हम ये उद्देश्य लेकर चल रहे है कि हम रोज 650-700 नैपकिन बनाए। ताकि  प्रत्येक कर्मचारी हर महीने 3000-3500 रुपये कमा सकें।

 


  

 बता दे किं "अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, इस यूनिट ने एक स्टॉल लगाया था आैर कुछ ही घंटों में 310 नैपकिन बेचे थे। जिसे देखते हुए खोबोंग चाय एस्टेट ने इन पांचों महिलाआें को 250 वर्ग फुट से अधिक की एक सुरक्षित जगह प्रदान की है। इसके साथ ही पांचों महिलाआें को स्वच्छ पेयजल, बिजली आैर स्वच्छ शौचालय उपलब्ध करवाएगी। इसके साथ ही इन महिलाआें को एक कमरा मुहैया करवाया जाएगा जहां ये आराम से नैपकिन बना सके आैर अपनी मशीनों को सुरक्षित रख सके।

 


 बता दें कि खोबोंग चाय के प्रबंधक देबाशीश बरुआ ने कहा कि प्रबंधन ने चिकित्सा अधिकारी, अस्पताल नर्स, कल्याण अधिकारी, मदर क्लब और ट्रेड यूनियन सदस्यों के प्रतिनिधियों सहित एक कार्यकारी समिति का गठन किया है जो परियोजना के प्रबंधन में मदद करेगा।

  

 

 

 इस नैपकिन की सबसे खास बात ये है कि ये मार्केट रेट से कम के दर पर दी जाएगी। चाय बागानों के इलाकों में उत्पाद का वितरण यूनिट की सदस्यों आैर किशोरावस्था समूह के द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही टीम इस प्रयास में भी रहेगी की यह पहल चाय बागानों के दूसरे इलाको में भी किया जाए।