जब CJI गोगोई ने Supreme court में महिलाओं को दें दिया ये अधिकार, जानिए यहां

Daily news network Posted: 2018-10-03 14:47:19 IST Updated: 2018-11-13 17:56:13 IST
 जब CJI गोगोई ने Supreme court  में महिलाओं को दें दिया ये अधिकार, जानिए यहां
  • सुप्रीम कोर्ट में 5 साल की लड़ाई के बाद महिला जज और वकीलों के लिए पहली बार क्रेच मई महीने में शुरू हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट में 5 साल की लड़ाई के बाद महिला जज और वकीलों के लिए पहली बार क्रेच मई महीने में शुरू हुआ है। इस सुविधा के साथ यहां महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ ड्यूटी कर रही हैं। इस क्रेच में एक साथ 30 बच्चे रह सकते है। यहां वे अपने बच्चों को 10 बजे से शाम के 5 बजे तक रख सकेंते हैं। क्रेच की शुरुआत 1 मई 2018 से की गई है। बता दें कि पिछले साल जस्टिस रंजन गोगोई ने संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट परिसर में क्रेच बनाने का आदेश दिया था।



 पांच साल पहले शुरू किया था अभियान

 इस क्रेच के लिए महिला वकील अनंदिता पुजारी ने करीब 5 सालों तक संघर्ष किया और अभियान चलाया। बेटी की देखभाल की वजह से उन्हें वकालत करने में परेशानी हो रही थी, इसलिए, साल 2012 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के कैंपस में क्रेच खोलने का अभियान शुरू किया था। उनके इस अभियान को बाकी महिला वकीलों का भी साथ मिला और अब आखिरकार क्रेच खुला है।


सुविधा के लिए चुकाने होंगे पैसे

 इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में सात चीफ जस्टिस बने और तमाम मुश्किलों के बाद अब उनका प्रयास रंग लाया। सुप्रीम कोर्ट परिसर में इस क्रेच को लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह बिल्कुल अत्याधुनिक तरीके से बनाया गया है। क्रेच में 6 साल तक के बच्चे रखे जा सकते हैं और इसके बदले 2500 रुपए भी महिला वकीलों को चुकाने होंगे।



होगी सभी अत्याधुनिक सुविधाएं

 क्रेच में पैरेंट्स वेटिंग रूम भी है जिसमें बैठकर पैरेंट्स एलईडी स्क्रीन पर बच्चों की गतिविधी भी देख सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए खास स्लिपिंग रूम और एक्टिविटी एरिया भी है। इसमें झूले और खेलने के लिए खिलौने भी रखे गए हैं। क्रेच में मॉडर्न किचन के साथ साथ 20 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि बच्चों पर नजर रखी जा सके और उनका ख्याल रखने के लिए महिला कर्मचारी भी वहां मौजूद होंगी।


 जस्टिस रंजन गोगोई के प्रयास से हुआ संभव

 आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में क्रेच के लिए आनंदिता पुजारी ने पहले 2012 में तत्कालिन चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर को चिट्ठी लिखा था लेकिन उनका तबादला हो गया था। इसके बाद उन्होंने आरएम लोढ़ा और एचएल दत्तू को भी पत्र लिखा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। 2015 में बार एसोसिएशन ने भी इसका प्रस्ताव रखा था लेकिन इसके बाद भी कुछ नहीं होने के बाद अनंदिता ने जनहित याचिका दायर की थी। आखिरकार जस्टिस रंजन गोगोई ने संज्ञान लेते हुए 2017 में क्रेच बनाने का आदेश दिया था।