इंग्लैड आैर आॅस्ट्रेलिया में गूंजा मणिपुर की इस महिला का नाम, ऐसा है हूनर

Daily news network Posted: 2018-06-22 12:42:16 IST Updated: 2018-06-22 12:42:16 IST
इंग्लैड आैर आॅस्ट्रेलिया में गूंजा मणिपुर की इस महिला का नाम, ऐसा है हूनर
  • मणिपुर की इस महिला का नाम सिर्फ भारत में ही नहीं आॅस्ट्रेलिया आैर इंग्लैंड में भी गूंज रहा है।

मणिपुर की इस महिला का नाम सिर्फ भारत में ही नहीं आॅस्ट्रेलिया आैर इंग्लैंड में भी गूंज रहा है। कभी ना हार मानने का जज्बा लेकर मैदान में उतरी मणिपुर की इस महिला ने अपने हुनर आैर मेहनत से सभी को अपना दीवाना बना लिया।


 वक्त आैर जिंदगी इम्तिहान लेते हैं तो कोर्इ कोताही नहीं बरतते हैं। उन्हें माकूल जवाब देने वाला ही सफलता की नर्इ गाथाआें को गढ़ता है आैर नए पैमाने कायम करता है। यह कहानी है मोइरांगथेम मुक्तामणी देवी की। उनके साथ एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुर्इ हैै।


 मुक्तामणि घर में सामान जैसे जूते, चप्पल आदि सामान बेचकर अपने घर का चलाती थी। जब उनकी बेटी उन्हीं के बनाए हुए जूते पहनकर गर्इ तो स्कूल में उसे बाकी बच्चों की तरह जूते पहनकर आने को कहा गया। बस यहीं से मुक्तामणि की जिंदगी का संघर्ष आैर सफलता की कहानी शुरू होती है।


 मुक्तामणि ने मुक्ता शूज नाम की कंपनी की स्थापना 1990 में की। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुढ़कर नहीं देखा। आज उनके हाथों से बने इन जूतों को बहुत से देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, मेक्सिको और कुछ अफ्रीकी देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है।


 मुक्तामणी आज 1000 लोगों को ट्रेनिंग दे रही हैं। उनकी जूतों की फैक्ट्री मुक्ता इंडस्ट्री में महिलाओं, पुरुषों, और बच्चों के लिए दस्तकारी जूते और सैंडल्स बनाए जाते हैं। उनकी कीमत 200 रुपए से 800 रुपये तक होते हैं। इन जूतों और सैंडल्स केवल भारत में ही नहीं विश्व भर में मांग है।


 मुक्तामणि ने मुक्ता शूज नाम की कंपनी की स्थापना 1990 में की। जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुढ़कर नहीं देखा। आज उनके हाथों से बने इन जूतों को बहुत से देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, मेक्सिको और कुछ अफ्रीकी देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है।


 मुक्तामणी आज 1000 लोगों को ट्रेनिंग दे रही हैं। उनकी जूतों की फैक्ट्री मुक्ता इंडस्ट्री में महिलाओं, पुरुषों, और बच्चों के लिए दस्तकारी जूते और सैंडल्स बनाए जाते हैं। उनकी कीमत 200 रुपए से 800 रुपये तक होते हैं। इन जूतों और सैंडल्स केवल भारत में ही नहीं विश्व भर में मांग है।