मणिपुरः पद्म पुरस्कार विजेता ने लगाया भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप

Daily news network Posted: 2018-02-13 14:34:15 IST Updated: 2018-02-13 14:34:15 IST
मणिपुरः पद्म पुरस्कार विजेता ने लगाया भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप
  • मणिपुर की पद्म पुरस्कार विजेता एक बुनकर ने राज्य की बीजेपी अगुवाई वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगया है।

इंफाल।

मणिपुर की पद्म पुरस्कार विजेता एक बुनकर ने राज्य की बीजेपी अगुवाई वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगया है। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार के लिस्ट में नाम आने पर सरकार ने राज्य के भारोत्तोलक सेखोम मीराबाई चानू को 20 रुपए से सम्मानित किया गया, लेकिन मेरा नाम आने पर मुझे कुछ नहीं दिया।


 बता दें कि मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने 27 जनवरी को इम्फाल में एक सम्मान समारोह में चानू को नकद में 20 लाख रुपये दिए गए थे। पूर्वोत्तर क्षेत्र में बुनाई के क्षेत्र में योगदान देने वाली लैंगपुोकलकाम्म सुब्बनी (Langpoklakpam Subadani) ने मीडिया से कहा कि वह पैसों को लेकर चिंतित नहीं हैं।


 उन्होंने कहा, 'मुझे न तो पैसा दिया गया और न ही राज्य सरकार ने सार्वजनिक रूप से सम्मान ही किया गया। यह मेरे समझ से बाहर है क्योंकि हम दोनों को एक ही पुरस्कार मिला है।'

 सुब्बनी ने कहा, 'मैं सभी को यह कहना चाहता हूं कि जब हम दोनों को भारत सरकार से समान पुरस्कार मिला है, तब कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह सरकारी पक्षपात का स्पष्ट संकेत है।' आगे उन्होंने कहा कि वह आने वाली पीढ़ियों को अपनी बुनाई के ज्ञान और तकनीक देगीं।


 वहीं एक वरिष्ठ राज्य अधिकारी ने बताया कि सुब्बनी को नजरअंदाज करने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों मुद्दे अलग हैं मीराबाई चानू ने एक लंबे अंतराल के बाद भारोत्तोलन में विश्व रिकॉर्ड बनाया था और भारत के लिए ख्याति अर्जित की थी। इसलिए उन्हें नकद पुरस्कार दिया गया था। यह सरकार द्वारा मणिपुर में खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एक छोटा सा कदम है।


 आगे उन्होंने कहा कि इससे पहले भी राज्य के कई व्यक्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, लेकिन उन्हें कभी भी सार्वजनिक रिसेप्शन या नकद पुरस्कार नहीं दिया गया।

 बता दें कि केंद्र सरकार ने 25 जनवरी को अपने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान से नई मिसाल कायम करने वाले लोगों को पद्म पुरस्कार देेने की घोषणा की थी। इस साल कुल 85 लोगों को पद्म पुरस्कार दिए गए। 3 हस्तियों को पद्म विभूषण, 9 को पद्म भूषण और 73 को पद्म श्री पुरस्कार दिया गया। पद्म श्री पुरकार पाने वालों की लिस्ट में लैंगपुोकलकाम्म सुब्बनी का भी नाम है।


 पद्म पुरस्कार पाने वालों में 16 लोग या तो विदेशी हैं या एनआरआई या भारतीय मूल के हैं। 3 हस्तियों को मरणोपरांत पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि इस साल सरकार को पद्म पुरस्कारों के लिए 15,700 से ज्यादा आवेदन मिले थे।