राष्ट्रीय महिला आयोग करेगा पूर्वोत्तर में महिलाओं की सशक्त बनने में मदद

Daily news network Posted: 2018-12-03 21:19:04 IST Updated: 2018-12-03 21:19:04 IST
राष्ट्रीय महिला आयोग करेगा पूर्वोत्तर में महिलाओं की सशक्त बनने में मदद
  • राष्ट्रीय महिला आयोग कौशल विकास और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र में महिलाओं विशेषकर युवा महिलाओं के लिए आजीविका कार्यक्रम में मदद करेगा ताकि वे सशक्त बन सकें और अपनी आजीविका चला सकें।

नई दिल्ली/गुवाहाटी।

राष्ट्रीय महिला आयोग कौशल विकास और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र में महिलाओं विशेषकर युवा महिलाओं के लिए आजीविका कार्यक्रम में मदद करेगा ताकि वे सशक्त बन सकें और अपनी आजीविका चला सकें। 

 


पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने सोमवार को यहां बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जितेन्द्र सिंह तथा राष्ट्रीय महिला आयोग की नवनियुक्त सदस्य सोसो शाइजा के बीच आज यहां हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई।

 


डॉ. सिंह ने शाइजा को भरोसा दिया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के तहत काम करने वाले सार्वजनिक उपक्रम भी इस क्षेत्र में महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों में सहयोग देंगे। बैठक में कहा गया कि बाहरी कामकाज में पूर्वोत्तर क्षेत्र की महिलाएं काफी सक्रिय रही हैं लेकिन इसके बावजूद दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए अभी भी काफी गुंजाइश है। 

 

 


उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि महिला आयोग पूर्वोत्तर क्षेत्र में महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं में मदद कर सकता है। उन्होंने इस संदर्भ में पूर्वोत्तर की कई महिला स्वयं सहायता समूहों का उल्लेख किया और कहा कि ये समूह सराहनीय कार्य कर रहे हैं। 

 


बैठक में बेंगलूरू और मुम्बई में रह रही पूर्वोत्तर क्षेत्र की महिलाओं के विषय पर भी चर्चा की गई। डॉ. सिंह ने शाइजा को बताया कि बेंगलूरू विश्वविद्यालय परिसर में पूर्वोत्तर की छात्राओं के लिए महिला छात्रावास बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके लिए पूरी आर्थिक मदद पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई है। 

 


उन्होंने बताया कि दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में भी पूर्वोत्तर की छात्राओं के लिए एक महिला छात्रावास बनाया जा रहा है जिसमें 200 छात्राएं रह सकती हैं।