मिजोरम में 40 पिंक बूथ, यहां पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदाता तक होंगी महिलाएं

Daily news network Posted: 2018-11-28 12:47:05 IST Updated: 2018-11-28 17:41:02 IST
  • महिला सशक्तिकरण का संदेश देने और महिला वोटरों को वोट देने को प्रेरित करने के लिए अस्तित्व में आए पाेलिंग बूथ आकर्षण का केंद्र बने हुए है।

आइजोल।

महिला सशक्तिकरण का संदेश देने और महिला वोटरों को वोट देने को प्रेरित करने के लिए अस्तित्व में आए पाेलिंग बूथ आकर्षण का केंद्र बने हुए है। बता दें कि इन बूथों को पूरी तरह गुलाबी रंग से सजाया जाता हैं आैर यहां पर महिला स्टाफ होता है। इस साल के विधानसभा चुनाव में भी इस परंपरा को आगे ले जाने के लिए मिजाेरम में पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए।

 

 


मिजोरम में डिंगड़ी के नाम से जाना है पिंक पोलिंग बूथ

 राज्य में 40 पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। हर निर्वाचन क्षेत्र में एक पिंक पोलिंग बूथ है। मिजोरम में इन बूथों को डिंगड़ी के नाम से जाना जाता है। डिंगड़ी एक जंगली फूल है आैर डिंगडी शब्द का प्रयाेग कवियों द्वारा सुंदर महिलाआें के लिए किया जाता है। महिला मतदाताआें को प्राेत्साहित करने के लिए पिंक पोलिंग बूथ बनाए गए हैंं। इन केंद्रो पर सिर्फ महिला कर्मचारियों को तैनात किया जाता है।

 


 कैसे हैं पिंक बूथ

 पिंक बूथ को बाहर व अंदर से गुलाबी रंग से पुतवाया गया है। पिंक बूथ पर पीठासीन अधिकारी से लेकर पी-1 , पी-2 ,पी-3 अधिकारी भी महिला रहेंगी। साथ ही जो पुलिस फोर्स इन पिंक बूथों पर लगाया जाएगा, वह भी महिलाओं का ही रहेगा। गुलाबी रंग करने के पीछे मकसद यह कि महिला मतदाता खासकर इसको लेकर आकर्षित होंगी। वोट डालने को लेकर रुझान भी बढ़ेगा।

 


 कब हुई पिंक बूथ की शुरुआत?

 भारत में पहली बार गुलाबी बूथ की शुरुआत पूर्व चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने की थी। साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इसकी पहली बार इस्तेमाल हुआ।

 


 

महिला मतदाता पुरूष से ज्यादा

 मिजोरम एक एेसा राज्य है जहां महिला मतदाताआें की संख्या पुरूष मतदाताआें से ज्यादा है। 2013 और 2014 में महिला मतदाताआें की संख्या में बढ़ोतरी देखी गर्इ है। राज्य में कुल 7,68,181 मतदाता हैं, जिनमें से 3,74,496 पुरुष और 3,93,685 महिलाएं हैं। राज्य में राजनीति को छोड़कर हर क्षेत्र में महिलाआें को प्रतिनिधित्व ज्यादा है।

 

 


चुनावी मैदान में हैं 15 महिलाएं

 इस बार के विधानसभा चुनाव में 209 उम्मीदवारों में सिर्फ 15 महिलाएं हैं। भाजपा जो राज्य में अभी तक एक भी सीट नहीं जीत सकी है उसने सबसे ज्यादा छह महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। भाजपा के प्रदेश अघध्यक्ष जे वी लूना ने कहा था कि मिजो महिलाएं पहले राजनीति में दिलचस्पी नहीं दिखाती थी। लेकिन अब वे सामाजिक आैर राजनीतिक गतिविधियों में अपनी दिलचस्पी दिखा रही हैं।