तिनसुकिया में असम की लता मंगेशकर का भव्य स्वागत, बताया अपने दिल का 'दर्द'

Daily news network Posted: 2018-04-12 11:53:45 IST Updated: 2018-04-12 16:51:44 IST
तिनसुकिया में असम की लता मंगेशकर का भव्य स्वागत, बताया अपने दिल का 'दर्द'
  • लता मंगेशकर को अपना आदर्श मानने वाली तिनसुकिया निवासी मिस्तु बर्धन ने अपनी पहचान गोल्डन वॉयस ऑफ लता मंगेशकर के रूप में बना ली है

तिनसुकिया।

 लता मंगेशकर को अपना आदर्श मानने वाली तिनसुकिया निवासी मिस्तु बर्धन ने अपनी पहचान गोल्डन वॉयस ऑफ लता मंगेशकर के रूप में बनाई है। बुधवार को तिनसुकिया प्रेस क्लब, आसू, हिंदू छात्र संस्था, असम जातियातवादी युवा छात्र परिषद की ओर से मिस्तु का अभिनंदन किया गया। इस दौरान उन्हें असमिया फुलामा गमछा, झापी और होराइ दिया गया। बता दें कि मुंबई में आयोजित सुविदा पुरस्कार समारोह में मिस्तु बर्धन को गोल्डन वॉयस ऑफ लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।


 

 

इस दौरान मिस्तु ने अपने अनुभवों को सभी के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि वे लता मंगेशकर के गाए हुए गानों को बचपन से सुना करती थीं। उन्होंने कहा कि हम लोग थोड़ी सी कामयाबी पा लेते हैं तो हमें थोड़ा अहंकार आ जाता है पर जब वे लता दीदी से मिलने गईं तो उनकी सादगी ने उन्हें अपने आदर्श के और करीब ला दिया। उन्होंने बताया कि लता दीदी से मिलने के लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ा और इस इंतजार के लिए लता दीदी ने बड़ी सादगी से माफी भी मांगी। 


 

 

 

अभिनंदन समारोह में मिस्तु ने कहा कि उन्हें एक बात का दुख है कि तिनसुकिया, जिसे वाणिज्यिक शहर कहा जाता है, यहां अच्छा स्टूडियो नहीं है। उनके समय में कई उनकी दोस्त थी, जिनमें उनसे भी अधिक प्रतिभा थी पर वे आज कहीं भी दिखाई नहीं देती। तिनसुकिया से दूरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे मेरी दीदी यानी भारत रत्न लता मंगेशकर से मिलने और अपने खुद की पहचान संगीत जगत में बनाने की चाह ने तिनसुकिया से मुंबई तक की यात्रा करवाई, लेकिन इन सात सालों में वे तिनसुकिया को कभी नहीं भूलीं।