पूर्वोत्तर पहली बनी मीनार बेगम, जो अकेली हज जाने वाली महिलाआें का करेंगी मार्गदर्शन

Daily news network Posted: 2018-07-18 13:29:57 IST Updated: 2018-07-18 13:29:57 IST
पूर्वोत्तर पहली बनी मीनार बेगम, जो अकेली हज जाने वाली महिलाआें  का करेंगी मार्गदर्शन
  • बराकघाटी के कछार जिला के सिलचर शहर की रहने वाली मीनार बेगम मजूमदार को हज कमेटी ने असम आैर पूर्वोत्तर की पहली महिला खादिमुल हुज्जा के रूप में चुना है। इस खबर के बाद राज्य के अल्पसंख्यक महिलाओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।

जोरबाट।

बराकघाटी के कछार जिला के सिलचर शहर की रहने वाली मीनार बेगम मजूमदार को हज कमेटी ने असम आैर पूर्वोत्तर की पहली महिला खादिमुल हुज्जा के रूप में चुना है। इस खबर के बाद राज्य के अल्पसंख्यक महिलाओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। बता दें कि हज करने के लिए अकेली जाने वाली महिलाओं की मदद करने के लिए ये नियुक्ति की गई हैं।

पूर्वोत्तर की दो महिलाआें ने दिया था आवेदन

 

जो महिला अकेले मक्का जा रही हैं उनका मार्गदर्शन करने के लिए मीनार बेगम की नियुक्ति खादिमुल हुज्जा के रुप में की गई हैं। पूर्वोत्तर से दो महिलाओं ने इस पद के लिए आवेदन किया हैं था। दोनों आवेदनों में से सिलचर की मीनार बेगम मजूमदार को इस पद पर नियुक्ति कर दिया गया है।

 

 

खादिमुल्ल हुज्जा बनने के योग्यता

 उल्लेखनीय है कि खादिमुल्ल हुज्जा बनने के लिए महिला को सरकारी नौकरी करने वाली और एक बार कम से कम हज करने का अनुभव  होना चाहिए। साथ ही महिला शारिरिक और मानसिक रुप से पूरी तरह स्वस्थ होनी चाहिए इसके साथ ही इस पद के लिए आवेदन करने वाली महिला की आयु  57 वर्ष से कम होनी चाहिए।

 

 

प्रशिक्षण के लिए गर्इं थी मुंबई

हज के दौरान वो अकेली महिला हज यात्रियों को आवश्यक परामर्श देगीं। सिचलर की मीनार बेगम ने 22 फरवरी को महिला खादिमुल हुज्जा के लिए आवेदन किया था। इस पर निर्वाचित होने के बाद वे एक दिन के प्रशिक्षण के लिए मुंबई गई थी।

 

 

पूर्वोत्तर राज्यों से एक भी महिला अकेली नहीं जा रही हज

 अब मीनार बेगम असम की राजधानी गुवाहाटी के इस्लामपुर स्थित मुसाफिरखाना में अकेली महिलाओं के साथ हज यात्रा में मदद करने के लिए गुवाहाटी पहुंच गईं हैं। इस बार पूरे देश में कुल 1300 अकेली महिलाएं हज करने के लिए जा रही हैं। जिनमें से ग्यारह सौ केरल से तथा 200 महिलाएं देश के अन्य राज्यों से अकेली जा रही हैं। मजे की बात ये है कि पूर्वोत्तर राज्यों से एक भी महिला अकेली नहीं जा रही हैं, जबकि पूर्वोत्तर की महिला मीनार बेगम मजूमदार को ही खादिमुल हुज्जा के रुप में नियुक्ति दी हैं।