जानिए कौन हैं इरोम शर्मिला, 16 साल तक किया था अनशन, अब मिली दोहरी खुशी

Daily news network Posted: 2019-05-14 14:06:31 IST Updated: 2019-05-14 14:21:55 IST
जानिए कौन हैं इरोम शर्मिला, 16 साल तक किया था अनशन, अब मिली दोहरी खुशी

मणिपुर में 16 साल तक अनशन करने वाली के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला 2017 में चुनाव मैदान में थीं। लेकिन बीते रविवार को वे जुड़वा बेटियों की मां बन गई हैं। इरोम ने सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफस्पा) के ख़िलाफ़ 16 वर्ष तक भूख हड़ताल की थी। भूख हड़ताल ख़त्म करने के बाद वह इस उम्मीद के साथ चुनाव में उतरी थीं कि जीत के बाद वे राजनीति में आएंगी और इस क़ानून को ख़त्म करेंगी।


 हालांकि ऐसा हो नहीं सका। मणिपुर की जनता ने संघर्ष की राजनीति की जगह उस यथास्थितिवादी राजनीति का चुनाव किया जिसके ख़िलाफ़ इरोम 16 वर्षों से लड़ रही थीं। इरोम विधानसभा चुनाव में थउबल सीट से मुख्यमंत्री ओकराम ईबोबी सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ीं, लेकिन उन्हें मात्र 90 वोट ही मिले थे। इस सीट पर उनसे ज़्यादा वोटा नोटा (नन ऑफ द अबव) को मिला। 143 लोगों ने नोटा पर बटन दबाया, जबकि इरोम को मात्र 90 वोट मिले। मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने चुनाव जीत लिया था।


 बता दें कि आयरन लेडी के नाम से मशहूर इरोम का जन्‍म 14 मार्च 1972 में हुआ था। इरोम मणिपुर से आर्म्‍ड फोर्स स्‍पेशल पावर एक्‍ट 1958, जिसे सशस्‍त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाए जाने की मांग पर  2 नवंबर 2000 से 2017 तक वो भूख हड़ताल पर रही। इस भूख हड़ताल के तीसरे दिन सरकार ने इरोम शर्मिला को गिरफ्तार कर लिया था। उन्‍होंने जब भूख हड़ताल की शुरुआत की थी, वे 28 साल की युवा थीं। कुछ लोगों को लगा था कि यह कदम एक युवा ने भावुकता में उठाया है। लेकिन समय के साथ इरोम शर्मिला के इस संघर्ष की सच्चाई लोगों के सामने आती गई।

 


 उन्होंने असम राइफल के जवानों की मुठभेड़ में 10 नागरिकों को मार दिए जाने के खिलाफ यह शुरू किया था। इसके बाद से उन्हें नाक में नली लगाकर ही भोजन दिया जा रहा है। उनके नाम पर अबतक दो रिकॉर्ड दर्ज है। पहला सबसे लंबी भूख हड़ताल करने और दूसरा सबसे ज्‍यादा बार जेल से रिहा होने का रिकॉर्ड दर्ज है।


 2014 में अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उन्‍हें एमएसएन ने वूमन आइकन ऑफ इंडिया का खिताब दिया था। इरोम शर्मिला ने 1000 शब्दों में एक लंबी ‘बर्थ’ शीर्षक से एक कविता लिखी थी। यह कविता ‘आइरन इरोम टू जर्नी- व्हेयर द एबनार्मल इज नार्मल’ नामक एक किताब में छपी थी। इस कविता में उन्‍होंने अपने लंबे संघर्ष के बारे में बताया है।



 बनीं जुड़वा बेटियों की मां

 16 साल तक भूख हड़ताल पर रहीं इरोम शर्मिला ने मदर्स डे के दिन रव‍िवार को जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। मदर्स डे के दिन आयरन लेडी इरोम शर्मिला को दोगुनी खुशी मिली ह। उन्होंने 48 साल की उम्र में जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया है। मशहूर नागरिक अधिकारों की कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने बेंगलुरु के अस्पताल में बच्चियों को जन्म दिया ज‍िनके नाम निक्स शाखी और ऑटम तारा रखे गए हैं।

 


 शर्मिला ने सिजेरियन डिलीवरी के जरिए अस्पताल की मल्लेश्वरम ब्रांच में रविवार को नौ बजकर 21 मिनट में दो स्वस्थ बच्चियों को जन्म दिया। बताया जा रहा है क‍ि मदर्स डे के दिन डिलीवरी संयोग मात्र है।