Women's Day: मिलिए भारत की सबसे खूंखार महिला कमांडो से, बिना हथियार दुश्मन को कर सकती हैं ढेर

Daily news network Posted: 2019-03-08 17:28:44 IST Updated: 2019-03-08 17:28:44 IST
Women's Day: मिलिए भारत की सबसे खूंखार महिला कमांडो से, बिना हथियार दुश्मन को कर सकती हैं ढेर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज हम आपको देश के पहले महिला स्वाट कमांडो दस्ते से रूबरू करवा रहे हैं। दरअसल इस दस्ते की तैनातगी दिल्ली में की गई है। अगस्त, 2018 में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस यूनिट को दिल्ली पुलिस में शामिल किया था। इस टीम में 36 महिला कमांडो हैं और सभी पूर्वोत्तर राज्यों की हैं। सबसे ज्यादा यानी 13 महिला कमांडो असम से हैं। पांच-पांच अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मणिपुर से हैं। महिला स्वाट कमांडो पलक झपकते ही आतंकियों को मार गिराने में सक्षम हैं।



साल 2009 में 26 नवंबर को देश ने भयंकर आतंकी हमले का सामना किया। उसके बाद ऐसे पुलिस दस्ते की जरूरत महसूस की गई जो आतंकियों से निपटने में सक्षम हो। इसी बात को ध्यान में रखते हुए साल 2009 में SWAT कमांडो दस्ते का गठन किया गया। SWAT का पूरा नाम Special Weapons and Tactics (स्पेशल वीपंस ऐंड टैक्टिक्स) है। उनको एनएसजी कमांडो की तर्ज पर ट्रेनिंग दी गई। सभी कमांडो 28 साल से कम आयु के हैं। उनका मुख्य काम दिल्ली एनसीआर में आतंकी हमलों और बड़ी घटनाओं से निपटना है। महिला स्वाट कमांडो का दस्ता अगस्त 2018 में तैयार हुआ है।

 



इजरायल के रक्षा बलों को एक ट्रेनिंग दी जाती है जिसका नाम है कर्व मागा। कर्व मागा में प्रशिक्षित कमांडो हथियारों के बगैर ही हथियारबंद हमलावरों का सामना करते हैं। यही ट्रेनिंग हमारी महिला स्वाट कमांडो को भी दी गई है। यानी ये महिला कमांडो किसी हथियार के बगैर भी दुश्मन को ठिकाने लगाने में सक्षम हैं। कर्व मागा की ट्रेनिंग के दौरान कमांडो को मुक्केबाजी, कुश्ती, एकिडो, जुडो और कराटे भी सिखाए जाते हैं। स्वाट महिला कमांडो टीम खतरनाक हथियारों को भी चलाने में सक्षम हैं। ये कमांडो सबसे ताकतवर राइफल एमपी 5 सबमशीन गन से लेकर 45 कैलिबर गन में सबसे बेहतरीन जीलॉक 21 पिस्टल से लैस होंगी।