यहां ससुराल नहीं जाती छोटी बेटी, ताकि कर सकें माता-पिता की देखभाल

Daily news network Posted: 2019-03-16 15:56:53 IST Updated: 2019-07-05 09:07:57 IST
यहां ससुराल नहीं जाती छोटी बेटी, ताकि कर सकें माता-पिता की देखभाल
  • मेघालय की गारो, खासी, जयंतिया ट्राइब्स में मातृसत्तात्मक समाज हैं। इन समाजों की खासियत है कि यहां परिवार की सबसे छोटी बेटी अपने माता-पिता की देखभाल करती है और उसे ही उनकी सारी संपत्ति मिलती है।

मेघालय की गारो, खासी, जयंतिया ट्राइब्स में मातृसत्तात्मक समाज हैं। इन समाजों की खासियत है कि यहां परिवार की सबसे छोटी बेटी अपने माता-पिता की देखभाल करती है और उसे ही उनकी सारी संपत्ति मिलती है। परिवार की छोटी बेटी से शादी करने वाला लड़का लड़की के घर ही रहता है। यहां वंश माता के नाम (सरनेम) से चलता है।

 

 


 महिलाएं ही परिवार के अधिकतर बड़े फैसले लेती हैं। यह बात मेघालय से आए युवाओं के दल ने नेहरू युवा केन्द्र, उदयपुर के नॉर्थ-ईस्ट यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में अग्रवाल धर्मशाला में कही। मेघालय की ओनिका धार ने बताया कि यहां वनों में खिलने वाले खूबसूरत ऑर्किड के फूल विश्व प्रसिद्ध हैं लेकिन इन फूलों को कभी नहीं तोड़ते हैं। समृद्घ जैव विविधता के कारण यहां कई औषधीय पौधे हैं।

 

 


 मेघालय का चेरापूंजी प्रसिद्ध पर्यटक केन्द्र है जहां विश्व की सर्वाधिक वर्षा होती है। बांस से बने हैंडीक्राफ्ट विश्व भर में एक्सपोर्ट किए जाते हैं। हल्दी और मसालों की खेती के लिए भी देश में काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा आलू, चावल, मक्का, दालचीनी की खेती भी की जाती है।