Election 2019: जोरहाट सीट जीतकर संसद पहुंचने वाली पहली असमी महिला थीं मोफिदा अहमद

Daily news network Posted: 2019-04-03 15:43:51 IST Updated: 2019-04-03 15:44:07 IST
Election 2019: जोरहाट सीट जीतकर संसद पहुंचने वाली पहली असमी महिला थीं मोफिदा अहमद
  • 17वीं लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनावी चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लेकिन आज हम वर्तमान चुनाव की नहीं असम के जोरहाट सीट से 1957 में चुनाव जीतने वाली मोफिदा अहमद की बात कर रहे हैं।

17वीं लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद चुनावी चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लेकिन आज हम वर्तमान चुनाव की नहीं असम के जोरहाट सीट से 1957 में चुनाव जीतने वाली मोफिदा अहमद की बात कर रहे हैं। वह दूसरी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर संसद पहुंची थी।

 


 वह संसद में असम की पहली मुस्लिम महिला सदस्य थीं। वे समाजसेविका के साथ ही असमिया की सम्मानित लेखिका भी थीं। वे पूर्वोत्तर के उन मुस्लिम महिलाओं में शामिल थीं जिन्होंने पर्दा प्रथा को चुनौती देते हुए राष्ट्रवादी राजनीति की मुख्यधारा में शिरकत की।

 


 मोफिदा का जन्म जोरहाट शहर में हुआ था। उनके पिता बौरा अली शहर के सम्मानित व्यक्ति थे। उनकी शुरुआती शिक्षा घर में ही हुई। वे उच्च शिक्षा के लिए किसी कॉलेज में नहीं गईं, पर स्वाध्याय से विदूषी महिला बनीं। मोफदिया असमिया साहित्य की सम्मानित लेखिका थीं। उन्होंने आठ पुस्तकों की रचना की। वे खास तौर पर लघुकथाएं लिखती थीं।


 मोफिदा का 1940 में असनद्दीन अहमद से विवाह हुआ। परंपरागत मुस्लिम परिवार से आने वाली मोफदिया विवाह के बाद सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हुईं। वे 1946 में जोरहाट की रेडक्रॉस सोसाइटी से जुड़ कर समाजसेवा करने लगीं। वे 1951 मे तेजपुर महिला समिति की पदाधिकारी बनीं।


 समाज सेवा के बाद वे कांग्रेस पार्टी में सक्रिय हुईं। वे 1953 में गोलाघाट कांग्रेस के महिला विभाग की संयोजक बनाई गईं। सांसद बनने से पूर्व उन्होंने राष्ट्रीय बचत योजना के लिए दो वर्षों तक काम किया। सन 1957 में दूसरे लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया। अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी सैयद अब्दुल मल्लिक को उन्होंने 47 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया।


 सफरनामा

 1921 में उनका जन्म जोरहाट में हुआ

 1940 में 11 दिसंबर को उनका विवाह हुआ

 1957 में दूसरी लोकसभा के लिए चुनी गईं

 2008 में 17 जनवरी को उनका निधन हो गया