बेटी ने बढ़ाया राज्य का मान, बनीं पहली आदिवासी महिला एटीसी

Daily news network Posted: 2019-08-09 09:16:50 IST Updated: 2019-08-09 09:29:29 IST
बेटी ने बढ़ाया राज्य का मान, बनीं पहली आदिवासी महिला एटीसी
  • त्रिपुरा के खोवाई जिले के सुदूर रांगमुरा गांव की बिपासा हरंगखावल त्रिपुरा की पहली आदिवासी महिला हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) बन गई हैं।

अगरतला

त्रिपुरा के खोवाई जिले के सुदूर रांगमुरा गांव की बिपासा हरंगखावल त्रिपुरा की पहली आदिवासी महिला हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) बन गई हैं।

 


 मुंबई विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलिक्मयुनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करने वाली बिपासा (26)ने वर्ष 2017 में बतौर सहायक एटीसी अपना करियर शुरु किया था।

 


 उनकी तैनाती मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थी। कुछ माह के अंदर पिता की बीमारी के कारण उनके अनुरोध पर उनका तबादला अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे पर कर दिया गया।

 

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता था कि मैं त्रिपुरा की पहली महिला एटीसी बन जाऊंगी। जब मेरे वरिष्ठों ने मुझे सूचित किया तो मैं बहुत खुश हुई। कुछ महीने पहले ही मेरे परिवार को पता चला कि मैं पहली महिला एटीसी हूं। वे बहुत खुश थे लेकिन मेरी मां ने कहा इतना मत उड़ो, काम करो। वह एक गृहिणी हैं और मुझे बहुत प्यार करती हैं।