KBC: बहादुर बेटियों ने किया 20 घंटे तक तूफान का डटकर सामना, कहानी सुनकर 'बिग बी' ने कहा ऐसा

Daily news network Posted: 2018-09-29 15:52:55 IST Updated: 2018-09-29 17:07:35 IST
KBC: बहादुर बेटियों ने किया 20 घंटे तक तूफान का डटकर सामना, कहानी सुनकर 'बिग बी' ने कहा ऐसा
  • देश की बहादूर नौसेना महिला अधिकारियों की टीम कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में नजर आईं। शुक्रवार को कौन बनेगा करोड़पति के सीजन-10 के सेगमेंट कर्मवीर स्पेशल में महिला नेवी ऑफिसर्स 'आईएनएसवी तारिणी' की टीम महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर थी।

देश की बहादुर नौसेना महिला अधिकारियों की टीम 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी-10) में नजर आईं। शुक्रवार को कौन बनेगा करोड़पति के सीजन-10 के सेगमेंट कर्मवीर स्पेशल में महिला नेवी ऑफिसर्स 'आईएनएसवी तारिणी' की टीम महानायक अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर थी। इस टीम ने हाल ही में समुद्र के रास्ते दुनिया को नापा है। 254 दिनों में तीन महासागर, चार महाद्वीप और पांच देशों से होकर लौटी इस टीम से मिलकर बिग बी भी गौरवांवित हो गए।

 


 इन हौसले की पर्याय बनी महिलाओं के बारे में बताते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा, 'अगर अब कोई महिलाओं के कहे कि उनकी जगह चार दीवारी के अंदर है तो आप कहिए महिलाएं लहरों पर सवार होकर दुनिया की सैर कर सकती हैं। जिसके सामने समुद्र की न चली कोई होता कौन है दीवारों में कैद करने वाला।'

 

 यहां हॉट सीट पर बैठी ऑफिसर्स ने बताया कि इस मिशन पर जाने के पहले तीन साल तक उनकी तैयारी चली। इस तैयारी में उन्हें थ्योरी से लेकर हर तैयारी कराई गई। क्योंकि बोट पर प्लंबर, कुक, इलेक्ट्रीशयन से लेकर सब कुछ यही 6 महिलाएं थी।


 शो में अधिकारियों ने इस यात्रा की चुनौतियों के बारे में बताया। इस सफर में इन्हें लगातार 20 घंटे तूफान के बीच रहना पड़ा। जिसमें 9 मीटर की लहरें इनके पीछे भाग रही थी। इस दौरान एक वक्त ऐसा आया जब बोट आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था। उस वक्त सभी अधिकारियों की धड़कने थम सी गई थी। आउट ऑफ कंट्रोल होने से बोट में भी कुछ खराबी भी आई थी। साथ ही उस दौरान वहां का तापमान भी माइनस पांच से सात डिग्री था। 140 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी, तेज बारिश हो रही थी। उन्हें गीले कपड़े में ही बोट को कंट्रोल भी करना पड़ा। इस दौरान उनके हाथ जम रहे। कोल्ड वर्म हो रहे थे। हाथ पैर जम रहे थे। इसलिए 15 मिनट पर ही इन्हें शिफ्ट बदलना होता था। ताकि बिना किसी नुकसान के इस चुनौती को पार किया जा सके। बता दें कि 254 दिनों के इस सफर के दौरान इन सभी बहादूर महिलाओं का खाना-पीने का सामन इसी बोट में ही था। सभी खुद खाना बनाती थी। खुद कपड़े धोती थी और बोट को भी चलाने का काम भी इन्होंने किया। ये वाक्या पेसिफिक ओसियन में हुआ था। पेसिफिक वन ऑफ द रफेस्ट ओसियन माना जाता है। बहादूर बेटियों की कहानी सुनकर महानायक अमिताभ बच्चन के भी होश उड़े गए। उन्होंने कहा, ये बहुत ही डराबना था।

 


 बता दें कि अभियान का नेतृत्व की उत्तराखंड की वर्तिका जोशी ने किया था। आईएनएस तारिणी पर सवार इस टीम ने पांच देशों, 4 महाद्वीपों, तीन महासागर और तीन अंतरीपों (केप्स) के साथ-साथ भूमध्य रेखा को भी दो बार पार किया। टीम के सभी सदस्यों को कौन बनेगा करोड़पति के एपिसोड के लिए बुलाया गया था। इस एपिसोड की शूटिंग 10 सितंबर को मुंबई में हुई थी।

 

 

 क्या था रूट

 लेफ्टिनेंट बी ऐश्वर्या ने बताया कि उनका रूट गोवा से शुरु होकर आस्ट्रेलिया पहुंचा, वहां से न्यूजीलेंड फिर वहां से प्रशांत महासागर पूरा क्रास किया और साउथ आफ्रीका के फॉकलेंड आयलेंड पहुंची फिर साउथ एटलांटिक पार करते हुए केपटाउन आईं। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन में जहां भी स्टाप थे वह ऐसे चुने गए थे जहां बोट रिपेयर हो सके और खाने का सामान लिया जा सके।


 बता दें कि अभियान दल का नेतृत्व करने वाली लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी मूलरूप से पौड़ी जिले धूमाकोट के स्यालखेत (हाल निवास श्रीनगर) के रहने वाली हैं। दल में उनकी साथी ले. कमांडर प्रतिभा जामवाल (हिमाचल प्रदेश), ले. कमांडर पी स्वाति (आंध्र प्रदेश), ले. पायल गुप्ता (देहरादून), ले. विजया देवी (मणिपुर), ले. बी ऐश्वर्या (तेलांगना) शामिल थीं। दल ने 10 सितंबर 2017 से पाल नौका आईएनएसवी (इंडियन नेवल सेलिंग वेसल) तारणी से समुद्री यात्रा शुरू की थी। समुद्र की विपरीत परिस्थितियों से जूझते और जानलेवा स्थानों को पार कर (21,600 नॉटिकल मील) दल 23 मई 2018 को भारत पहुंचा। बता दें कि ले, विजया देवी मणिपुर से हैं, और उनके पिताजी सीआईएसएफ में थे, उन्हीं से प्रेरित होकर बेटी विजया ने नेवी ज्वाइंन की है।