मिजोरमः 11 साल की बच्ची ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मासूम को बचाया

Daily news network Posted: 2019-08-03 11:39:45 IST Updated: 2019-08-03 18:16:28 IST
मिजोरमः 11 साल की बच्ची ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मासूम को बचाया
  • 11 साल की बच्ची ने बहादुरी की मिसाल कायम की है। मिजोरम की रहने वाली इस बच्ची ने अपनी हिम्मत और साहस से एक बच्ची को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ा लिया।

शिलॉन्ग।

11 साल की बच्ची ने बहादुरी की मिसाल कायम की है। मिजोरम की रहने वाली इस बच्ची ने अपनी हिम्मत और साहस से एक बच्ची को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़ा लिया। बता दें कि एक महिला ने मानव तस्करी के लिए इस बच्ची का अपहरण किया था। मामला पिछले महीने का है।

 


 


 राज्य के उत्तरी रेंज के डीआईजी एल.खिआंगते ने बताया कि आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है और अहृपत बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।



 उन्होंने बताया कि 11 साल की कैरोलिन मालस्वामटलुआंगी पूर्वी आइजोल के ज़ुंग्तुई इलाके में अपने घर के पास अपनी सहेलियों के साथ खेल रही थी तभी एक अनजान बच्ची भी उनके साथ खेलने लगी। उस वक्त मालस्वामटलुआंगी ने उस बच्ची पर उतना ध्यान नहीं दिया लेकिन अगले दिन सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उसी बच्ची की तलाश में उसके इलाके में आए और मालस्वामटलुआंगी से लापता बच्ची का फोटो दिखाकर पूछा तो उसने इस बच्ची को देखने की बात कही।


 खिआंगते ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने मालस्वामटलुआंगी से कहा कि अगर उसे यह बच्ची फिर से दिखे तो वह पुलिस को सूचित करे। इसके बाद मालस्वामटलुआंगी खुद ही अपने इलाके में अपहृत बच्ची की तलाश में जुट गई और उसने एक महिला के घर में बच्ची का पता लगा लिया। यह बच्ची, ज़ोनुनसांगिन फनाई (31) के घर पर थी जिसने उसका अपहरण कर लिया था।


बच्ची को अपनी पीठ पर लादकर घर की ओर दौड़ पड़ी

 उन्होंने बताया कि मौका भांप कर मालस्वामटलुआंगी ने बच्ची को अपनी पीठ पर लादा और अपने घर की ओर दौड़ पड़ी, लेकिन महिला ने उसे देख लिया और रूकने को कहा तथा ऐसा नहीं करने पर पथराव करने की धमकी भी दी। लेकिन मालस्वामटलुआंगी सीधे अपने घर जा कर ही रूकी और पूरी कहानी अपने माता-पिता को सुनाई। इसके बाद, उसके माता-पिता ने पुलिस को सूचित किया और फनाई को गिरफ्तार कर लिया गया।



 खिआंगते ने बताया कि फनाई ने दक्षिण मिजोरम के लुंगलेई जिले के एक गांव से बच्ची का कथित रूप से अपहरण किया था और उसे आइजोल ले आई थी। स्थानीय अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

चर्च और एनजीओ ने किया था सम्मानित

 कैरोलिन मालस्वामटलुआंगी को इस साहस के लिए चर्च और एक एनजीओ के द्वारा सम्मानित किया गया था। लड़की को साल्वेशन आर्मी चर्च और मानव-तस्करी रोधी कम्यूनिटी हेल्थ एक्शन नेटवर्क (CHAN) ने आयोजित समारोह में लड़की को अप्रीशीऐशन सर्टिफिकेट और 5,000 रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।