गर्मीयों की छुट्टीयों में लीजिए वाइल्‍ड लाइफ का मजा,चलिए काजीरंगा की यात्रा पर

Daily news network Posted: 2018-04-18 15:59:32 IST Updated: 2018-05-09 14:16:17 IST
गर्मीयों की छुट्टीयों में लीजिए वाइल्‍ड लाइफ का मजा,चलिए काजीरंगा की यात्रा पर
  • गर्मीयों की छुट्टीयां शुरू होने ही वाली हैं ऐसे में परिवार के साथ कहीं घूमने जाने का मन बना रहे हैं और आपको वाइल्‍ड लाइफ देखने को शौक है तो इस बार रूख किजिए काजीरंगा पार्क का।

गर्मीयों की छुट्टीयां शुरू होने ही वाली हैं ऐसे में परिवार के साथ कहीं घूमने जाने का मन बना रहे हैं और आपको वाइल्‍ड लाइफ देखने को शौक है तो इस बार रूख किजिए काजीरंगा पार्क का।

 

 


 


जी हां यूनेस्को के विश्व विरासत में भी शामि‍ल असम का काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, वाइल्‍ड लाइफ सेंचुरी के रूप में भारत की मुख्‍य जगहों में से एक है। यहां पर एक से बढ़कर एक व‍िशालकाय जानवर देखने को म‍िलते हैं। तो इंतजार किस बात का है चलिए आपकों बतातें हैं इस पार्क से जुड़ी कुछ खास बातें जो आपके सफर को और भी मनोरंजक बना देगीं।

 

 


 


एक सींग वाला गैंडा या भारतीय गैंडा  


इस उद्यान में आप एक सींग वाले भारतीय गैंडे के अलावा जंगली हाथी, जंगली भैंस और हिरण भी देख सकते हैं और अगर आप भाग्यवान हैं तो आपको यहां पर बाघ भी दिखाई दे सकता है। इस उद्यान के भीतर लंबी-ऊंची जंगली घास है जिसे हाथी घास कहा जाता है। यहाँ के जानवर अक्सर इस घास के पीछे छिपकर बैठे हुए होते हैं। इन घने और दलदली घास के मैदानों में ये जानवर पल में आपके सामने आकर, पल में गायब भी हो सकते हैं। इस वजह से इस जंगल में अकेले घूमना थोड़ा खतरनाक हो सकता है, क्योंकि आप नहीं बता सकते कि कब और कहाँ से ये जानवर आप के सामने आकर खड़े हो जाए।


लगता है जैसे ये जानवर गले में कैमरा लटकाए हुए मनुष्यों को लेकर उद्यान में घूमनेवाली इन जैतुनी रंग की जीपों के आदी हो गए हैं। लेकिन अगर आपको कहीं पर गैंडा या हाथी जैसे क्रूर और भयानक जानवर दिखे तो अच्छा होगा कि आप अपने स्थान पर ही रहें और उन्हें अपना समय लेते हुए अपने रास्ते जाने दे।

 

 


 

 काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पहरे की मीनारें    


इस उद्यान में जल स्रोतों के आस-पास कुछ पहरे की मीनारें बनवाई गयी हैं, जहाँ से आप आस-पास के सुंदर नज़रों का आनंद उठा सकते है। इसी के साथ इस ऊंचाई से आप यहाँ की हाथी घास में छिपे बैठे जानवरों को भी देख सकते हैं, तथा उनकी अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन कर सकते हैं। जैसे कि, आप उन्हें तालाब के उस पार स्नान करते हुए, यहाँ-वहाँ टहलते हुए, अपने साथियों के साथ खेलते हुए, या फिर ऐसे ही बेफिक्र घूमते हुए देख सकते हैं।


जिस मीनार पर हम खड़े थे उसके नीचे स्थित तालाब में हमने बड़ी-बड़ी मछलियाँ देखी, जो पल में ऊपर आकर फिर से पानी में लुप्त हो जाती थीं। उनकी इस चंचल गति के कारण हम ठीक से उनकी तस्वीरें भी नहीं ले पाये। इसके अतिरिक्त हमने वहाँ पर बहुत सारे रंगबिरंगी और सुंदर पक्षी देखे जो हमारे चारों ओर उड़ रहे थे। यहाँ पर बिताए हुए इन पलों ने जैसे हमारी इस उद्यान सफारी के अनुभव को पूर्ण कर दिया था।

 


 

 ये जानवर द‍िखाई देते

यहां पर गैंडे, बड़े-बड़े हाथी, एशियाई भैंसे, धमाचौकड़ी करते ह‍िरन और बड़ी संख्‍या में बाघ देखने को म‍िलते हैं। इसके अलावा यहां पर खूबसूरत से पक्षी  भी पयर्टकों को अपनी ओर अ‍ाकर्ष‍ित करते हैं। इसके साथ ही  430 वर्ग किलोमीटर में फैले इस उद्यान में सर्दियों के मौसम में साइबेरिया से कई मेहमान पक्षी भी आते हैं। उबड़-खाबड़ मैदानों, लंबी-ऊंची घास वाले इस उद्यान में गजब की शांत‍ि भी म‍िलती है।

  

 

 

 इस मौमस में जाएं घूमने


काजीरंगा मानसून में भारी बार‍िश की वजह से बंद रहता है। घूमने का बेहतर समय सर्दियों में होता है। गुवाहाटी से करीब 215 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां  सड़क के रास्‍ते से करीब 4 से 5 घंटे के समय में पहुंच सकते हैं। 

 


 काजीरंगा तक कैसे पहुंचे

 चूंकि काजीरंगा एक राष्ट्रीय उद्यान है, यहां मुख्य रूप से सड़क द्वारा आ सकते हैं। यह गुवाहाटी से 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, और काजीरंगा तक पहुंचने के लिए कैब सबसे अच्छा तरीका है। आस पास के अन्य शहरों में तेजपुर और गोलाघाट हैं, जो राज्य के अन्य हिस्सों से अच्छी तरह जुड़े हैं।