अनोखी शादी: आमंत्रण में कार्ड के साथ गीता, विदाई के वक्त मिलेगा पौधा

Daily news network Posted: 2019-02-07 14:26:00 IST Updated: 2019-02-07 14:26:00 IST
अनोखी शादी: आमंत्रण में कार्ड के साथ गीता, विदाई के वक्त मिलेगा पौधा
  • बिहार में मिथिलांचल की राजधानी कहा जाने वाला दरभंगा शहर एक ऐसी अनोखी शादी का गवाह बनने जा रहा है, जहां विवाह में आमंत्रित हर मेहमान को शादी कार्ड के साथ न सिर्फ जीवन का सार बताने वाली महान धार्मिक पुस्तक गीता दी जायेगी बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के आसन्न खतरों के प्रति आम...

नई दिल्ली।

बिहार में मिथिलांचल की राजधानी कहा जाने वाला दरभंगा शहर एक ऐसी अनोखी शादी का गवाह बनने जा रहा है, जहां विवाह में आमंत्रित हर मेहमान को शादी कार्ड के साथ न सिर्फ जीवन का सार बताने वाली महान धार्मिक पुस्तक गीता दी जायेगी बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के आसन्न खतरों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने तथा पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से शादी में आने वाले अतिथियों को लौटते समय एक-एक पौधा दिया जाएगा।

 

 


 राजा-महराजाओं के शहर दरभंगा में परिवार की शानो-शौकत के लिए शादियों में आडंबर का सहारा काफी बरसों से लिया जाता रहा है और इसके कारण जहां अनावश्यक खर्चे होते हैं वहीं बड़ी मात्रा में सामानों की बर्बादी भी होती है। शादियों में आडंम्बर और आतिशबाजी के कारण वातावरण भी प्रदूषित होता है। ऐसे में दरभंगा में इस वर्ष 09 फरवरी को श्यामा मंदिर स्थित विवाह भवन में होने वाली है एक अनोखी शादी सादगी और ग्लोबल वार्मिंग के कारणों एवं उसके निदान का संदेश देने के सार्थक उद्देश्य के लिए जाना जाऐगा।

 

 


 केंद्र सरकार की एक अनुसंगिक इकाई 'विज्ञान प्रसार' (उत्तर प्रदेश) से मान्यता प्राप्त दरभंगा के जूनियर साइंटिस्ट क्लब के सदस्यों ने अपने संस्थापक की शादी के बहाने दरभंगावासियों को ग्लोबल वार्मिंग के आसन्न खतरों से बचाने के साथ-साथ मिथिला के पारंपरिक धरोहरों को सुरक्षित रखने एवं प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को बचाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहा है। दरभंगा शहर के भगवानदास मुहल्ला निवासी स्वर्गीय मंजू देवी एवं स्वर्गीय उमाकांत राय के चतुर्थ पुत्र अभियंता श्रवण कुमार राय एवं उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के श्याम नगर के रहने वाले कैलाश मंडल एवं गीता मंडल की अभियंता पुत्री कुमारी रूचि मंडल की शादी में सम्मिलित होने वाले सभी इस अनोखी शादी का कार्ड तो साधारण है लेकिन महत्वपूर्ण इसलिए हो गया है कि शादी के कार्ड के साथ हर आमंत्रित सदस्यों को भगवद्गीता भी दी जा रही है।

 

 


 वर श्रवण के बड़े भाई संजय कुमार राय एवं शिक्षक भाई मनोज कुमार राय बताते हैं कि कार्ड तो शादी के कुछ दिन के बाद ही फेंक दिया जाता है जबकि इसके साथ दी जा रही भगवद्गीता को लोग संजो कर रखेंगे। गीता के संदेश को आत्मसात कर लिया जाए तो व्यक्ति का जीवन खुशहाल हो जाता है। अपनी अनोखी शादी को लेकर उत्साहित श्रवण ने कहा कि उनकी होने वाली पत्नी रुचि भी पर्यावरण एवं ग्लोबल वार्मिंग के खतरों से परिचित है और इस तरह के प्रयासों से काफी खुश है।

 

 


 पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे श्रवण ने बताया, 'गोरखपुर में कार्य करने के दौरान मुझे गीता प्रेस के खस्ताहाल के संदर्भ में जानकारी हुई और उसी समय निर्णय लिया कि अपनी शादी में कार्ड के साथ भगवद्गीता वितरित करेंगे। मैंने खुद भी गीता का अध्ययन किया है और उसके संदेशों को आत्मसात किया है। जीवन को संयमित बनाकर अपने सभी लक्ष्यों को आसानी से पाया जा सकता है।'

 

 


 अभियंता श्रवण ने बताया कि शादी के लिए आमंत्रित 400 लोगों को भगवद्गीता भी भेंट की है। उन्होंने बताया कि बारात में भी डीजल एवं पेट्रोल वाले वाहनों का प्रयोग नहीं कर ई-रिक्शा का प्रयोग किया जायेगा। वह स्वयं भी पराम्परिक कार या अन्य चार पहिया वाहन का प्रयोग नहीं कर ई-रिक्शा के माध्यम से बारात निकालेंगे । श्रवण ने बताया कि शादी के अवसर पर रिश्तेदार एवं अन्य अतिथियों और मित्रों से मिलने वाली उपहार एवं नगद का उपयोग स्थानीय मूसा साह मध्य विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम बनाने के लिए करेंगे। इस विद्यालय ने उन्हें काफी कुछ दिया और आज वह जिस मुकाम पर हैं, इसी की बदौलत हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति यदि अपनी शादी में मिले उपहार एवं आर्थिक सहयोग को अपने विद्यालय के विकास के लिए खर्च करें तो वह नई पीढ़ी के लिए एक सम्मानजनक तोहफा होगा।