तीस हजार किलोमीटर से साईकिल की सवारी कर अनोखा रिकार्ड बनाएगी ये महिला, जानिए पूरी खबर

Daily news network Posted: 2019-08-10 14:31:38 IST Updated: 2019-08-10 14:31:38 IST
 तीस हजार किलोमीटर से साईकिल की सवारी कर अनोखा रिकार्ड बनाएगी ये महिला, जानिए पूरी खबर
  • अांध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी के दक्षिणी जिले की महिला साइकिल चालक और पर्वातारोही ज्योति रोंगलो, जो देशभर में साइकिल यात्रा कर रही है, वृहस्पतिवार को होजाई पहुंची।

गुवाहाटी

अांध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी के दक्षिणी जिले की महिला साइकिल चालक और पर्वातारोही ज्योति रोंगलो, जो देशभर में साइकिल यात्रा कर रही है, वृहस्पतिवार को होजाई पहुंची। उन्होंने पूर्वोत्तर सहित पूरे भारत में तीस हजार किलोमीटर की यात्रा का लक्ष्य रखा है। ज्योति अपने इस अभियान के माध्यम से दुनिया के सामने यह साबित करने के लिए अपने कैशलेश यात्रा को पहाड़ी क्षेत्रों में स्थापित किया है।

 

 

 उन्होंने कहा कि भारतीय सड़कें महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित बताया। आगे उन्होंने कहा कि भारतीय लोग अच्छी तरह सेअतिथियों को सत्कार करना जानते हैं। सायं संवाददाता से हुई बातचीत में 35 वर्षीय मास्टर आॅफ बिजनेस एडमिनस्ट्रेशन और नेहरू इंस्टीट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग से पर्वातारोहण की डिग्रीधारक ने अपने अनुभव और चुनौतियों को साझा किया।

 

 

 

 ज्योति ने कहा कि होजाई में पहुंचने के पश्चात व्यवसायी गणपति उद्यान समिति के सदस्यों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया जिससे मैं और मेरे साथ आई मेरी सहयोगी अभिभूत हैं। उसने बताया कि पूर्वोत्तर में उसकी यात्रा जनवरी 2019 में शुरू हुई जो पहले से ही अरुणाचल प्रदेश को छू चुकी थी।

 

 

 

 

 असम में कुछ और दिनों के लिए वे हैं और उसके बाद उसकी यात्रा नगालैंड की ओर होगी फिर उत्तर पूर्व के बाकी राज्यों का दौरा कर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाती चलेंगी। अब तक 15000 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है। मेरा लक्ष्य 300 दिनों के भीतर एकल साइकिल की सवारी में 30000 किलोमिटर की दूरी को पूरा करना है और एक ही देश में सबसे लंबी एकल साइकिल की सवारी के लिए विश्व रिकार्ड स्थापित करना है।

 

 

 

 रोंगलो ने कहा कि उनका मिशन 3 साल पहले 2017 में शुरू हुआ था । मेरा लक्ष्य 30000 कि.मी पूरा करना है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर बहुत विशाल वनस्पतियों से भरा हुआ है। यहां का दृश्य, विभिन्न वेशभूषा में रह रहे लोग, भाषा से वह प्रभावित हुई, हर भारतीय को पूर्वोत्तर का दौरा करना चाहिए । रोंगलो की इस यात्रा में पांच दिन पहले डिब्रूगढ़ की रहनेवाली मोमिना वसीम जोरहाट शहर से साथ में जुड़ीं।