इस वेश्या की ख्वाहिश जानकर रह जाएंगे दंग, जानिए पूरी सच्चाई

Daily news network Posted: 2019-02-15 20:45:48 IST Updated: 2019-02-15 20:45:48 IST
इस वेश्या की ख्वाहिश जानकर रह जाएंगे दंग, जानिए पूरी सच्चाई
  • वेश्या से बद्तर किसी और की ज़िन्दगी नहीं हो सकती है। उसे अंधेरे में ही पूरा जीवन बिताना पड़ता है। कुछ वेश्याओं को तो खुली हवा में सांस लेने की भी इजाज़त नहीं होती है।

वेश्या से बद्तर किसी और की ज़िन्दगी नहीं हो सकती है। उसे अंधेरे में ही पूरा जीवन बिताना पड़ता है। कुछ वेश्याओं को तो खुली हवा में सांस लेने की भी इजाज़त नहीं होती है। बाहर की दुनिया देखने की चाहे कितनी भी इच्छा क्यों न हो, पर अंधेरे के अलावा उनकी किस्मत में और कुछ नहीं होता।

 


 ज़िन्दगी से जुड़ी कहानियों को अपने फ़ेसबुक पेज पर तस्वीरों और Status के द्वारा दिखाते हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने अफ़साना की कहानी साझा की। अफ़साना को अपनी पिछली ज़िन्दगी के बारे में कुछ पता नहीं है। उसे तो अपने परिवार के बारे में भी कुछ पता नहीं। अकेलेपन में उसका दम घुटता है। पर उसे उम्मीद है कि किसी दिन उसे कोई जान-पहचान वाला ज़रूर मिलेगा। अफ़साना की कहानी आपकी भी पलकों पर आंसू छोड़ जाएगी।


 बहुत वक़्त बीत गया है, पर मैं आज भी हरे-भरे खेतों में घूमना चाहती हूं। मैंने कभी हरे खेत नहीं देखे। पर सच्ची बहुत मन करता है देखना का। मैं बीमार हूं, बंद दरवाज़ों के पीछे सांस लेने में मुझे तकलीफ़ होती है। मैं हंसते-हंसते रोने लगती हूं, इस पर मेरा ज़ोर नहीं है। मेरी अम्मा को इससे दिकक्त हो रही है। अम्मा यानि कि हमारी मैडम। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि मैं जल्द ही ठीक हो जाऊंगी, मैं सिर्फ़ हसूंगी और आंसू नहीं बहाऊंगी। मुझे कुछ भी याद नहीं, मैं बहुत छोटी थी। मेरी सबसे बड़ी दिक्कत है कि मैं यहां सांस नहीं ले पाती।


 मेरे पास घर की कोई यादें नहीं है और न ही आंखें बंद करने पर मुझे किसी का चेहरा दिखाई देता है। बहुत अकेला महसूस करती हूं। दूसरी लड़कियां भी यही कहती हैं कि उनका कोई अपना नहीं है। पर मैं ख़ुद से कहती हूं कि मेरा कोई तो अपना होगा, शायद मां या पिता या कोई रिश्तेदार। पर मुझे कोई भी याद नहीं आता। चाहे कितनी भी कोशिश कर लूं, पर कोई भी चेहरा ज़हन में नहीं है। जब भी मैं रोने लगती हूं, तो मेरी दोस्त प्रियंका मेरे आंसू पोंछती है ताकि मेरा मेकअप खराब न हो।


 वो हमेशा कहती है कि मेकअप की क़ीमत आंसुओं से ज़्यादा है। उसने मुझसे वादा किया है कि एक दिन वो मुझे हरे खेतों में ले जाएगी, जहां मैं खुली हवा में सांस ले सकूंगी। मुझे उम्मीद है कि उस दिन, आंखें बंद करने पर मुझे किसी अपने का चेहरा दिख जाए। सिर्फ़ एक बार में ज़िन्दगी में किसी के साथ होने के एहसास को महसूस करना चाहती हूं।