बढ़ती उम्र में शादी का चलन, लंदन से आए 59 वर्षीय प्रवासी गुजराती ने रचाई शादी

Daily news network Posted: 2019-12-09 11:30:43 IST Updated: 2019-12-09 11:30:43 IST
बढ़ती उम्र में शादी का चलन, लंदन से आए 59 वर्षीय प्रवासी गुजराती ने रचाई शादी
  • गुजरात में बढ़ती उम्र में शादी का चलन बढ़ रहा है। लंदन से आए 59 वर्षीय प्रवासी गुजराती ने रविवार को 53 वर्षीय महिला के साथ शादी रचा ली। इस युगल का कहना है कि अकेलेपन को दूर करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

अहमदाबाद।

गुजरात में बढ़ती उम्र में शादी का चलन बढ़ रहा है। लंदन से आए 59 वर्षीय प्रवासी गुजराती ने रविवार को 53 वर्षीय महिला के साथ शादी रचा ली। इस युगल का कहना है कि अकेलेपन को दूर करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

 


 

 हालांकि पुरुष की यह दूसरी शादी है जिसकी एक बेटी लंदन में ही डॉक्टर है।उत्तर गुजरात के विजापुर मूल के चीनूभाई (59) लंबे समय से लंदन में स्थायी हैं। बीते कुछ समय पूर्व उनका किन्हीं कारणों से तलाक हो गया। हालांकि चीनूभाई की एक बेटी लंदन में ही चिकित्सक है और बेटे की भी अच्छी नौकरी है। भागदौड़ भरी जिन्दगी में बेटा बेटी अकेले रहे पिता को समय नहीं दे पाते हैं, जिससे वे पिछले दिनों से मायूस रहते थे।

 


 

 इस बीच उन्होंने गुजरात आकर अहमदाबाद की संस्था बिना मूल्य अमूल्य सेवा नामक संस्था के चेयरमैन नटूभाई पटेल से संपर्क किया। इस युगल को उन्होंने मिलाया और रविवार को दोनों ने शादी कर ली। शादी करने वाले जोड़े के अनुसार जैसे-जैसे आयु बढ़ती है वैसे वैसे सुख-दुख बांटने के लिए साथी की जरूरत होती है।


 

 राजकोट में हुई मुलाकात, वडोदरा में रचाई शादी

 

 बिना मूल्य अमूल्य सेवा के चेयरमैन नटूभाई पटेल ने बताया कि पिछले दिनों सीनियर सिटीजनों के लिए राजकोट में परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। जहां हरिभाई की मुलाकात वडोदरा निवासी अलका बेन (53) से हुई। अलकाबेन अववाहिता थी। अब उन्हें साथी की जरूरत महसूस हुई थी। दोनों की बातचीत हुई और शादी करने का निर्णय किया। रविवार को यह युगल वडोदरा स्थित एक मंदिर में हमराही बन गया।

 


 

 सीनियर सिटीजन 155 युगलों की करवाई शादी

 

 बुजुर्गों के हित में काम करने वाले नटूभाई पटेल का कहना है कि वे अब तक 155 सीनियर सिटीजन जोड़ों की शादी करवा चुके हैं। इनमें से एक पुरुष की आयु तो 80 वर्ष से भी अधिक थी। ज्यादातर मामलों में अपनों ने समर्थन भी किया है। कई लोगों को तो उनके दामाद, बेटे, बेटी और बहू ही लेकर शादी कराने के उद्देश्य से बिना मूल्य अमूल्य सेवा संस्था में लेकर पहुंचे हैं।