यहां बर्गर से लेकर ताश के पत्तों पर भी लग चुका है Tax, जानकर दंग रह जाएंगे आप

Daily news network Posted: 2020-02-01 11:56:27 IST Updated: 2020-02-01 12:10:14 IST
यहां बर्गर से लेकर ताश के पत्तों पर भी लग चुका है Tax, जानकर दंग रह जाएंगे आप
  • आज हम आपको टैक्स से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं।

नई दिल्ली

आज हम आपको टैक्स से जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं। इस खबर में हम आपको उन टैक्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो सरकार द्वारा लगाए गए अब तक के सबसे अजीबो-गरीब टैक्स हैं।



1- 2009 में आर्थिक मंदी के दौरान, चीन के हुबई राज्य में वहां की सरकार ने सिगरेट पीने से पहले टैक्स लगा दिया था। वहां की सरकार ने लोगों को हुक्म दिया था कि वो 25 लाख सिगरेट के पैकेट खरीदें।

 


2- अगर आप भारत के केरल राज्य में पिज्जा, बर्गर या फिर अन्य किसी तरह का जंक फूड किसी ब्रांडेड रेस्टोरेंट में खाते हैं, तो उस पर आपको 14.5 फीसदी फैट टैक्स देना पड़ सकता है। हालांकि इस पर अभी विचार चल रहा है।

 


 3- अमेरिका के अल्बामा राज्य में ताश के पत्ते खरीदने या बेचने पर टैक्स देना होता है। जो लोग ताश के पत्तों को खरीदते हैं उनको 10 सेंट टैक्स देना होता है, वहीं पत्तों को बेचने वालों को 1 डॉलर देना होता है। इसके अलावा विक्रेता को 3 डॉलर प्रति वर्ष लाइसेंस फीस के रुप में भी देने होते हैं।



 4- यूरोपियन यूनियन के कई देशों में ग्लोबल वॉर्मिंग को रोकने के लिए गाय द्वारा पादने पर टैक्स लगता है। यूरोप में ग्रीनहाउस गैस के बढ़ने में गाय के पादने का 18 फीसदी योगदान है। जहां आयरलैंड में प्रत्येक गाय पर 18 डॉलर का टैक्स लगता है, वहीं डेनमार्क में 110 डॉलर गाय मालिकों को प्रति गाय देने पड़ते हैं।

 


 5- महात्मा गांधी द्वारा विश्व प्रसिद्ध दांडी मार्च के बारे में तो आपको पता ही होगा, जो उन्होने अंग्रेजों के नमक कानून को तोड़ने के लिए पोरबंदर से दांडी तक किया था। यह टैक्स अंग्रेजों ने भारतीयों पर लगाया था ताकि कोई भी नमक का उत्पादन न कर सके।


 6- पुरातन काल में दक्षिण के त्रावणकोर राज्य में वहां के एक शासक ने गरीब महिलाओं पर ब्रेस्ट टैक्स लगाया था। इस कानून के मुताबिक कोई भी गरीब महिला अपनी छाती को कपड़े से नहीं ढक सकती थी। अगर कोई महिला यह अजीबोगरीब कानून तोड़ने की कोशिश करती तो टैक्स वसूलने वाले अधिकारी उसके छाती का माप लेकर, साइज के हिसाब से टैक्स वसूलते थे। यह प्रथा कुछ सालों तक चली, लेकिन बाद में काफी विरोध होने पर इसको वापस ले लिया गया था।

 

 


7- सन् 1705 में रुस के राजा पीटर द ग्रेट ने पश्चिम यूरोप के क्लीन शेव लोगों को देखकर अपने राज्य में दाढ़ी-मूंछ रखने वालों पर टैक्स लगाया था। ऐसे लोगों को दाढ़ी टोकन दिए गए थे, ताकि पता चल सके कि इन्होने टैक्स भर दिया है। जो लोग टैक्स नहीं भरते थे उनकी दाढ़ी-मूंछ साफ करवा दी जाती थी। इस टैक्स को 1722 में हटा लिया गया था।

 


 8- 1696 में इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय ने विंडो टैक्स लगाया था। इस टैक्स के अनुसार किसी भर घर में 10 से ज्यादा खिड़कियां होने पर 10 शिलिंग का टैक्स देना होता था। इस कानून के चलते कई लोगों ने अपने घरों में मौजूद 10 से ज्यादा खिड़कियों को बंद करा दिया था। 1856 में इस टैक्स को वापस ले लिया गया था।

 

 

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