OMG: कुदरत को चुनौती, अब जानवर की कोख से पैदा होगा इंसान

Daily news network Posted: 2019-08-26 16:37:12 IST Updated: 2019-09-02 10:50:34 IST
OMG: कुदरत को चुनौती, अब जानवर की कोख से पैदा होगा इंसान
  • अब तक कुदरत से खिलवाड़ के नाम पर दुनिया के कई देशों ने इस तरह के प्रोजेक्ट पर बैन लगाया हुआ था, जिसके बाद जानवर की कोख से इंसान के पैदा लेने के प्रोजेक्ट रोक दिए गए थे, लेकिन जापान ने पिछले दिनों अपने वैज्ञानिकों को इसकी अनुमति दे दी है...

अब तक कुदरत से खिलवाड़ के नाम पर दुनिया के कई देशों ने इस तरह के प्रोजेक्ट पर बैन लगाया हुआ था, जिसके बाद जानवर की कोख से इंसान के पैदा लेने के प्रोजेक्ट रोक दिए गए थे, लेकिन जापान ने पिछले दिनों अपने वैज्ञानिकों को इसकी अनुमति दे दी है,अब जानवर की कोख से पैदा होगा इंसान, कुदरत से खिलवाड़ देखते है की प्रयोग सफल होता है इंसानी जीवन के लिए या घातक और क्या है इसकी सच्चाई आइए जानते है।

 


 साइंस ने हाल के दिनों में खासी तरक्की की है, इतनी तरक्की कि वो अब प्रकृति के कई नियमों को चुनौती दे रही है। उसे उलटकर रख देने पर आमादा है, कुदरत की प्रक्रिया में हस्तक्षेप तो हो ही रहा है, साइंस अब सीधे-सीधे उससे खिलवाड़ पर उतर आया है, क्या आप यकीन करेंगे कि आने वाले वक्त में जानवर की कोख से इंसान पैदा ले सकेगा, जी हां ये मुमकिन है और जापान इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

 

 


अब तक कुदरत से खिलवाड़ के नाम पर दुनिया के कई देशों ने इस तरह के प्रोजेक्ट पर बैन लगाया हुआ था। प्रकृति की स्वाभाविक प्रक्रिया से छेड़छाड़ ठीक नहीं है और इसकी आशंका कई वैज्ञानिकों ने भी जताई थी, जिसके बाद जानवर की कोख से इंसान के पैदा लेने के प्रोजेक्ट रोक दिए गए थे, लेकिन जापान ने पिछले दिनों अपने वैज्ञानिकों को इसकी अनुमति दे दी है।


 जापान के साइंटिस्ट एक बार फिर से कुदरती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए जानवर की कोख से इंसान के जन्म लेने के प्रोजेक्ट पर जुट गए हैं। ये साइंस का सबसे बड़ा कारनामा बनने जा रहा है।


 जापान शुरुआती तौर पर इस प्रोजेक्ट के तहत जानवर के गर्भाशय से मानव अंग उगाने वाला है, जापान ने हाल ही में स्टेम सेल रिसर्च को अनुमति दे दी है, जिसके बाद मानव और जानवर के हाइब्रिड को गर्भाशय में उगाने का काम शुरू हो गया है, कई चरणों में इस प्रोजक्ट को पूरा किया जाएगा। जापान के साइंटिस्ट ने इसका खाका भी तैयार कर लिया है, कि कैसे इस प्रोजेक्ट को अंजाम देना है।


 इस प्रोजेक्ट को लेकर साइंटिस्ट सशंकित हैं, कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दिशा में बहुत सोच समझकर आगे बढ़ना चाहिए, कुछ साइंटिस्ट ने कहा है कि इसमें घबराने जैसी कोई चीज नहीं है, धीरे-धीरे इस प्रोजेक्ट के बार में जनता को बताया जाएगा।