भारत की इस जगह पर आज भी चलती है British सरकार की हुकूमत

Daily news network Posted: 2019-07-19 21:27:40 IST Updated: 2019-08-18 10:35:43 IST
भारत की इस जगह पर आज भी चलती है British सरकार की हुकूमत
  • 15 अगस्त, 1947 को देश आजाद हो गया था। यानी भारत को अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई थी। तब से देश के हर कोने-कोने पर भारत सरकार का राज है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ही एक ऐसी भी जगह है,

दिल्ली

15 अगस्त, 1947 को देश आजाद हो गया था। यानी भारत को अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई थी। तब से देश के हर कोने-कोने पर भारत सरकार का राज है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में ही एक ऐसी भी जगह है, जहां आज भी ब्रिटिश सरकार की ही हुकूमत चलती है। यहां कुछ भी करने से पहले भारत को ब्रिटिश सरकार से इजाजत लेनी पड़ती है।

 

 

अब आप सोच रहे होंगे कि हम ब्रिटिश दूतावास की बात रहे हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून के चलते कुछ भी करने के लिए ब्रिटिश सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है। जी नहीं, हम बात कर रहे हैं उस जगह की, जो भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में होते हुए भी नहीं है।

 


 ये जगह है नागालैंड की राजधानी कोहिमा में, जिसे पूरी दुनिया 'कोहिमा वॉर सिमेट्री' यानी कोहिमा युद्ध स्मारक के नाम से जानती है। यहां दूसरे विश्वयुद्ध में शहीद हुए 2700 ब्रिटिश सैनिकों की कब्र है। यहीं पर चिंडविन नदी के किनारे जापान की सेना ने आजाद हिंद फौज के साथ मिलकर ब्रिटिश सरकार पर हमला किया था, जिसे इतिहास में कोहिमा युद्ध के नाम से जाना जाता है।

 


 ब्रिटिश सरकार ने अपने सैनिकों की याद में इस जगह पर स्मारक बनवाया था। चूंकि उस समय दुनिया के अधिकतर राज्यों में ब्रिटेन की हुकूमत थी, इसलिए ऐसे कई स्मारक भारत के अलावा दूसरे देशों जैसे, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भी बनवाये गए हैं।  यहां मौजूद सभी स्मारकों (कब्रगाहों) की देख-रेख का काम कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव कमीशन के जिम्मे है। इसलिए ऐसी जगहों पर भारतीयों को फोटो खींचने से लेकर रख-रखाव के काम तक को करने के लिए भी ब्रिटिश सरकार से अनुमति लेनी पड़ती है।

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 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल इस स्मारक के पास की सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव भारत की ओर से दिया गया था, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उसे खारिज कर दिया था। हालांकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस संस्था के पदाधिकारी तमाल सान्याल इस जगह को अपने अधिकार क्षेत्र में लेने के लिए भारत सरकार से बात कर रहे हैं।