यहां शादी के नाम पर होता है ये घिनौना रिवाज, बर्बाद हो जाती है लड़कियों की जिंदगी

Daily news network Posted: 2018-06-08 16:29:16 IST Updated: 2018-07-02 14:25:07 IST
यहां शादी के नाम पर होता है ये घिनौना रिवाज, बर्बाद हो जाती है लड़कियों की जिंदगी
  • बिहार 'पकड़वा विवाह' के लिए बदनाम है। यहां दहेज के पैसे ना होने पर लड़की के घरवाले पहले एक योग्य लड़का ढूंढ़ते हैं और फिर उसे किडनैप कर उसकी शादी अपने घर की लड़की से करवा देते हैं।

नर्इ दिल्ली।

बिहार 'पकड़वा विवाह' के लिए बदनाम है। यहां दहेज के पैसे ना होने पर लड़की के घरवाले पहले एक योग्य लड़का ढूंढ़ते हैं और फिर उसे किडनैप कर उसकी शादी अपने घर की लड़की से करवा देते हैं। हालांकि, यह कोई रिवाज नहीं बल्कि अपराध है। ऐसा ही घिनौना काम एक और जगह होता है। फर्क बस यह है कि यहां अपहरण लड़की का होता है और रिवाज के नाम पर लड़कों को इसकी छूट मिली है। यहां कोई लड़का किसी भी कुंवारी लड़की को अगवा कर उसके साथ रात बिता सकता है और फिर जबरन शादी कर सकता है। 

 


 

 शादी से पहले लड़की को गुजारनी होती है रात

 

किर्गिस्तान में शादी से जुड़ा एक अजीब सा रिवाज है। इसे Ala kachuu कहा जाता है यानी 'पकड़ो और भागो'। यहां शादी से पहले दूल्हा अपनी होने वाली दुल्हन को अगवा कर लेता है, उसके साथ कुछ वक्त बिताता है और फिर जब लड़की अपने मां-बाप के घर पहुंचती है तो उसकी शादी उसी लड़के से करा दी जाती है जिसने उसे अगवा किया था। वैसे तो यह एक रिवाज है, मगर इसकी आड़ में कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद हो जाती है।

 



लड़कियों को नहीं है ये अधिकार

 

अगर कोई लड़की किसी लड़के का शादी का प्रस्ताव ठुकरा देती है, तो जबरन शादी करने के लिए लड़का उसे अगवा कर लेता है। रात भर साथ रखने के बाद वह उसे छोड़ देता है। बदनामी के डर से घरवाले लड़की की शादी उसी लड़के से करवा देते हैं जिसने अपहरण किया।

 

 

 

 पैसे बचाने के लिए भी होता है अपहरण

किर्गिस्तान में शादी का खर्च लड़के के घरवाले उठाते हैं। इसलिए कई लड़के लड़की को अगवा करके शादी कर लेते हैं ताकि मेहमानों का खर्च बच जाए। हालांकि, जो शादियां इस तरह होती हैं, उनमें एक रिवाज यह भी है कि लड़के का पिता लड़की के मायके जाकर उसके परिवारवालों से माफी मांगता है। लड़की के घरवालों को तोहफे के रूप में पैसे या मवेशी भी दिए जाते हैं।

 

 


 शादी को नहीं मिली मान्यता

 किर्गिस्तान में लगभग एक तिहाई शादियां ऐसे ही होती हैं। मगर इस शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिली है। अगर ऐसी शादी करने वाले जोड़ों का तलाक होता है तो पति पर पत्नी और बच्चों की कोई जिम्मेदारी नहीं होती। फिर भी, जब भी ऐसी शादी होती है, कई लड़कियों के मां-बाप पुलिस केस नहीं करते क्योंकि भ्रष्टाचार की वजह से ज्यादातर मामलों में फैसला दूल्हे के परिवार के हक में होता है।