कभी देखा है ऐसा सांप, जिसके आंखों से निकलते हैं 'आंसू'

Daily news network Posted: 2019-02-14 16:28:36 IST Updated: 2019-02-14 16:28:36 IST
कभी देखा है ऐसा सांप, जिसके आंखों से निकलते हैं 'आंसू'
  • दुनियाभर में सांपों की हजारों प्रजातियां पाई जाती है। भारत के पूर्वोत्‍तर राज्यों में भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां सांपों की विभिन्‍न प्रजाति पाई जाती है।

दुनियाभर में सांपों की हजारों प्रजातियां पाई जाती है। भारत के पूर्वोत्‍तर राज्यों में भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां सांपों की विभिन्‍न प्रजाति पाई जाती है। जीवविज्ञानियों ने पूर्वोत्‍तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में एक नई प्रजाति के सांपों का पता लगाया है, जिसकी लंबाई तो सामान्‍य सांपों जैसी ही है, लेकिन ये विषैला नहीं है।

 


 अरुणाचल प्रदेश के लेपा-रादा जिले में मिले इस सांप को नई 'क्राइंग' (crying) प्रजाति का बताया जा रहा है, जिसका जीववैज्ञानिक (zoological) नाम हेबियस लैक्रिमा (Hebius lacrima) है। लैक्रिमा लैटिन भाषा का शब्‍द है, जिसका अर्थ आंसू होता है। इसलिए इसे 'क्राइंग स्‍नेक' (crying snake) भी कहा जाता है।

 


 

 अरुणाचल के लेपा-रादा जिले से बरामद इस सांप की लंबाई 48.7 सेंटीमीटर है और यह विषैला नहीं है। इस नई प्रजाति के सांप का पता गुवाहाटी के जीववैज्ञानिक जयादित्‍य पुरकायस्‍थ ने लगाया।

 


 पुरकायस्‍थ को यह सांप धान के खेत में मिला। उन्‍होंने बताया कि इस प्रजाति का सांप आम तौर पर पानी वाले क्षेत्रों में पाया जाता है और इनका भोजन आम तौर पर छोटी मछलियां, मेढक और छिपकलियां होती हैं। इसे 'क्राइंग स्‍नेक' नाम दिए जाने के बारे में उन्‍होंने बताया कि इसकी आंखों में काले रंग का धब्‍बा देखा गया, जो काले आंसू की तरह दिखता है।

 


 दुनियाभर में सांपों की करीब 3,709 प्रजातियां हैं, जिनमें से अकेले पूर्वोत्‍तर में सांपों की 110 प्रजातियां हैं। इनमें से अरुणाचल प्रदेश में सांपों की 55 प्रजातियां हैं। बीते दो दशकों से भी अधिक समय में अरुणाचल प्रदेश में कई जंतुओं, उभयचर प्राणियों और कीटों का पता लगाया जा चुका है।