हाथियों के पैरों के बीच आ गिरी 4 साल की बच्ची, फिर जो हुआ जानकर उड़ जाएंगे होश

Daily news network Posted: 2019-03-07 19:06:53 IST Updated: 2019-03-07 19:06:53 IST
हाथियों के पैरों के बीच आ गिरी 4 साल की बच्ची, फिर जो हुआ जानकर उड़ जाएंगे होश
  • पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक ऐसी घटना घटी जिसने जानवरों में संवेदनशीलता का एक और प्रमाण मिला। दरअसल यहां का नेश्नल हाईवे 31 गारूमारा जंगल के बीच से होकर गुजरता है।

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक ऐसी घटना घटी जिसने जानवरों में संवेदनशीलता का एक और प्रमाण मिला। दरअसल यहां का नेश्नल हाईवे 31 गारूमारा जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस हाइवे पर स्कूटर से जा रहे एक परिवार के लिए तब मुसीबत आ खड़ी हुई जब हाथियों का एक झुंड सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर जाने लगा।

 

 


 दरअसल नीतू घोष अपनी पत्नी तितली और 4 साल की बेटी अहाना के साथ लातागुड़ी के एक मंदिर में पूजा कर लौट रहे थे कि हाथियों का झुंड देखकर रुक गए लेकिन उसके बाद जो हुआ वह डराने वाला था।


 एक बार हाथियों के झुंड के सड़क पार कर लेने पर नीतू ने फिर से स्कूटर चालू किया और आगे बढ़े तभी अचानक बचे हुआ झुंड भी रोड पार करने लगा। नीतू ने हड़बड़ी में ब्रेक लगाया तो तीनों स्कूटर से नीचे गिर गए। बेटी अहाना एक हाथी के पैरों के बीच आ गई।

 

 


 नीतू और तितली की मानों घबराहट से सांसें ही रुक गई हों। लेकिन वे ये जानकर चौंक गए कि वह हाथी अहाना को अपने पैरों से तब तक घेरे खड़ा रहा जबतक सारा झुंड वहां से निकल नहीं गया। यूं लगा मानो वह बच्ची की सुरक्षा में खड़ा हो।


 नीतू के स्कूटर के पीछे आ रहे ट्रक के ड्राइवर ने ये देख लिखा कि परिवार मुसीबत में है और वह भागकर बच्ची को बचाने पहुंचा। उसने तीनों को अपने ट्रक में सुरक्षित बैठाया और हार्न बजाकर हाथियों को जल्द से जल्द वहां से भागने पर मजबूर किया। बच्ची मां की गोद में सुरक्षित थी। ड्राइवर ने परिवार को लातागुड़ी पहुंचाया।


 सदमे में बच्ची

 नीतू घोष और उनकी पत्नी तितली को इस हादसे में कुछ चोट आई है। दोनों को जलपाईगुड़ी के एक नर्सिंग होम में ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची को कोई चोट को नहीं आई लेकिन वह इस घटना से सदमे में है।