फेसबुक पर वायरल हुआ था वीडियो, सच जानकर आपके होश उड़ जाएंगे

Daily news network Posted: 2018-07-07 19:40:00 IST Updated: 2018-07-07 19:40:00 IST
फेसबुक पर वायरल हुआ था वीडियो, सच जानकर आपके होश उड़ जाएंगे
  • हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एक ट्रेन को दिखाया गया। दावा किया गया कि ये ट्रेन हिंदुस्तान में चलती है। बताया गया कि ये हिंदुस्तान की सबसे लंबी ट्रेन है।

गुवाहाटी।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एक ट्रेन को दिखाया गया। दावा किया गया कि ये ट्रेन हिंदुस्तान में चलती है। बताया गया कि ये हिंदुस्तान की सबसे लंबी ट्रेन है। इस ट्रेन में 135 से ज्यादा बोगियां हैं। ट्रेन में चार चार ताकतवर इंजन लगाए गए हैं। दावा किया गया कि ये ट्रेन दुनिया के सबसे लंबे पुल से गुजरती है।

 

 

यह ट्रेन 100 सुरंगों वाली रेल लाइन से गुजरती हुई चीन के बॉर्डर तक पहुंचती है। इस ट्रेन के जरिए चीन और म्यांमार सीमा तक पहुंचना आसान हो गया है। दावा किया गया कि ये वीडियो असम और मणिपुर के बॉर्डर के पास नौने कस्बे का है। यहां पर मोदी सरकार ने कई रेल लाइनें बिछाई है। कुछ लोगों ने तो यहां तक दावा किया कि डोकलाम विवाद के दौरान इसी खुफिया रास्ते से चीनी बॉर्डर तक टैंक पहुंचाए गए। जो वीडियो वायरल हुआ उसमें ट्रेन के जरिए टैंकों को ले जाते हुए दिखाया गया है। 

 

 हालांकि वीडियो को लेकर किए गए ज्यादातर दावे झूठे हैं। यह सच है कि पूर्वोत्तर को देश के दूसरे हिस्सों से जोडऩे के लिए मोदी सरकार ने 2014 में रेल प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-तुपुल इंफाल के बीच रेलवे लाइन बिछाई जानी है। इस परियोजना के तहत कुल 131 ब्रिज बनेंगे। 105 छोटे और 26 बड़े। इस परियोजना के तहत कुल 47 सुरंगें बनाई जा रही है। परियोजा की कुल लागत 13 हजार करोड़ रुपए आएगी।

 

 

इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही 2020 तक इंफाल तक रेल पहुंच जाएगी। प्रोजेक्ट पूरा होते ही म्यांमार तक ट्रेन से पहुंचने का सपना पूरा हो जाएगा। आपको बता दें कि प्रोजेक्ट के तहत मणिपुर के नौने कस्बे के पास एक टनल बनाई गई है। यह टनल देश की सबसे दूसरी लंबी सुरंग है। इसकी लंबाई 10 किलोमीटर 280 मीटर है। ये सुरंग 2020 तक बन जाएगी। इसी प्रोजेक्ट के तहत दुनिया का सबसे ऊंचा गार्टर रेल ब्रिज बनाया जा रहा है। इसकी ऊंचाई रिवर बेल्ट से 141 मीटर है।  ब्रिज के लिए जो पिलर खड़े किए गए हैं उनकी ऊंचाई दिल्ली की कुतुबमीनार से दोगुनी है। टनल प्रोजेक्ट हेड शशि शेखर का भी कहना है कि प्रधानमंत्री का 2020 तक यहां से ट्रेन चलाने का सपना पूरा हो जाएगा। 

 

 ये है वीडियो की सच्चाई

 दरअसल, वायरल वीडियो अमरीका के कैलिफोर्निया का है। ये रेलवे ट्रैक तेहचापी लूप के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर है। रेल ट्रैक यूनियन पैसिफिक रेलवेज का हिस्सा है। यहां हर दिन करीब 40 रेलगाडिय़ां गुजरती है और ये रेल मार्ग सैनफ्रांसिस्को को कैलीफोर्निया से जोड़ता है।