सावधान रहे लोग, सोमवार को गिरेगा चीनी स्पेस स्टेशन का मलबा

Daily news network Posted: 2018-04-01 14:49:49 IST Updated: 2018-06-26 11:44:53 IST
सावधान रहे लोग, सोमवार को गिरेगा चीनी स्पेस स्टेशन का मलबा
  • चीन का खराब पड़ा अंतरिक्ष स्काईलैब तियानगोंग-एक का मलबा सोमवार को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा, लेकिन इसके गिरने के सही समय

चीन का खराब पड़ा अंतरिक्ष स्काईलैब तियानगोंग-एक का मलबा सोमवार को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा, लेकिन इसके गिरने के सही समय और स्थान के बारे मं अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। चीनी अंतरिक्ष एजेंसी ने रविवार को ये जानकारी दी।

 


 एजेंसी की तरफ से जारी बयान के अनुसार यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि मलबा किस स्थान पर गिरेगा लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही इसके अवशेष वायुमंडल में प्रवेश करेंगें तो उनका अधिकांश हिस्सा जल कर राख हो जाएगा। ये भी कहा गया है कि मलबे का भारी टुकड़ा धरती पर नहीं पहुंच पाएगा।


 दक्षिण कोरियाई संवाद समिति योनहाप के अनुसार मलबे के कल सुबह 7: 26 बजे से दिन में 3:26 बजे के बीच वायुमंडल में प्रवेश करने की उम्मीद है। गौरतलब है कि चीन ने अपने महत्वाकांक्षी परमाणु कार्यक्रम को गति देने के लिए 2011 में 10.4 मीटर लंबे इस अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित किया था।

 


 जो अंतरिक्ष में डॉकिंग और ऑरबिट सुविधाओं को प्रदान करता था। पहले इसे 2013 में ही निष्क्रिय करने की योजना थी लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया था। चीन ने पिछले वर्ष कहा था कि यह मलबा दिसंबर 2017 के अंत तक धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा।

 

 


 इन देशों को है खतरा


 शोध में पता लगा है कि चीन का पहला स्पेस स्टेशन तियानगॉन्ग-1 (Tiangong-1) 30 मार्च से 6 अप्रैल के बीच धरती से टकरा सकता है।  विशेषज्ञों ने इसके 43 डिग्री उत्तरी दक्षिणी अक्षांश पर पड़ने वाले स्थानों पर गिरने की आशंका जताई है। यह स्थान घनी आबादी वाले न्यू यॉर्क, बार्सिलोना, पेइचिंग, शिकागो, इस्तांबुल, रोम और टरॉन्टो हो सकते हैं।

 



2016 में खो बैठा था नियंत्रण


 साढ़े आठ टन वजन वाला यह स्पेस स्टेशन साल 2016 में ही अपना नियंत्रण खो चुका था और तब से ही यह धरती की तरफ गिर रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस स्पेसक्राफ्ट का अधिकतर हिस्सा गिरते समय जलकर खाक हो जाएगा लेकिन 10 से 40 प्रतिशत हिस्सा मलबे के रूप में बचा रह सकता है और इसमें खतरनाक केमिकल्स हो सकते हैं।


 हाल ही में यह स्पेसक्राफ्ट धरती की तरफ तेजी से गिरने लगा है। फिलहाल यह यान 6 किलोमीटर प्रति हफ्ते की रफ्तार से धरती की तरफ आ रहा है। अक्टूबर 2017 में यह रफ्तार 1.5 किलोमीटर प्रति हफ्ते थी। चीन ने यह स्पेसक्राफ्ट साल 2011 में लॉन्च किया था। अंतरिक्षयानों के इतिहास में अब तक इनके धरती पर गिरने की वजह से किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।