Assam में पैदा हुई रजनी की कहानी सुनकर आंखों से आंसू छलक आएंगे

Daily news network Posted: 2018-12-25 11:48:44 IST Updated: 2019-01-01 17:29:46 IST
Assam में पैदा हुई रजनी की कहानी सुनकर आंखों से आंसू छलक आएंगे

गुवाहाटी

यह कहानी है असम में पैदा हुई रजनी की, जो पिछले 33 साल से बेल्जियम में रह रही है। रजनी अपनी जैविक मां को खोज रही है। रजनी ने यू-ट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में रजनी ने अपनी कहानी बयां की है।

 

 


 रजनी का यह वीडियो वायरल हो गया है। कई लोगों ने रजनी के वीडियो को शेयर किया है। रजनी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि उसका जन्म असम के तेजपुर में 24 जनवरी 1983 को हुआ था। जन्म के

 चार दिन बाद कोई उसे अनाथालय ले गया। मिशनरीज ऑफ चेरिटी नामक अनाथालय को मदर टेरेसा अनाथालय के रूप में जाना जाता है। रजनी वहां पर एक साल रही। इसके बाद वह कोलकाता के शिशु भवन अनाथालय चली गई। जब रजनी 2 साल की थी तब किसी ने उसे गोद ले लिया। अब वह बेल्जियम में रह रही है।

 

 


 रजनी पिछले 33 साल से बेल्जियम में रह रही है। बकौल रजनी, मैं इस बात को लेकर श्योर नहीं हूं कि मुझे मेरी मां ने छोड़ दिया था या मेरी मां को यह भी पता है कि मैं जिंदा हूं। मुझे भी सच पता नहीं है। मेरी पूरी जिंदगी यही सोचा कि मैं अनाथ हूं। यहां तक कि मुझे गोद लेने वाले माता पिता भी सोचते हैं कि मैं अनाथ हूं क्योंकि मेरी जैविक फैमिली के के बारे में कोई जानकारी नहीं है। रजनी ने बताया कि पिछले दो साल से वह अनाथालय और अडोप्शन एजेंसी को खत लिख रही है। 

 

 


 हाल ही में उसे पॉजिटिव न्यूज मिली। दी गई जानकारी के मुताबिक रजनी की मां का नाम राबिया है। अडोप्शन एजेंसी ने लास्ट नेम मेंशन नहीं किया है। जब रजनी पैदा हुई तब शायद राबिया की उम्र 35 साल थी, इसलिए शायद उसकी पैदाइश 1947 या 1948 की हो। शायद अब वह 70-71 साल की होगी। एजेंसी के मुताबिक उसका जन्म तेजपुर में हुआ, लेकिन अन्य बच्चे को गोद लेने वाली दंपत्ति से रजनी को पता चला कि तेजपुर ही वह जगह है जहां से उसे अनाथालय में ले जाया गया। वह तेजपुर से या उसके आसपास वाले इलाके से हो, शायद वह सोनितपुर जिले से हो।