असम के मुसलमानों में क्यों फैला खौफ,जानिए पूरा मामला

Daily news network Posted: 2018-01-07 16:11:04 IST Updated: 2018-01-07 16:11:04 IST
  • असम में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए बहुप्रतीक्षित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) का पहला ड्राफ्ट जारी किया गया है।

गुवाहाटी

असम में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए बहुप्रतीक्षित नेशनल रजिस्टर ऑफ

सिटीजंस (एनआरसी) का पहला ड्राफ्ट जारी किया गया है।

 


इसमें राज्य के 1

करोड़ 90 लाख लोगों के नाम है जबकि नागरिक रजिस्टर में शामिल होने के लिए

आवेदन करने वालों की कुल संख्या 3 करोड़ 29 लाख है। इन सभी ने विभिन्न

दस्तावेज दिए हैं जिससे उनका नाम भारतीय नागरिकों के रजिस्टर में आ सके। जब

से एनआरसी का पहला ड्राफ्ट सामने आया है तब से राज्य का मुस्लिम समुदाय

खौफ में है। अधिकतर मुस्लिमों की शिकायत है कि सूची में उनका नाम नहीं है।

आपको बता दें कि असम की कुल आबादी में से एक तिहाई मुस्लिम हैं।



मीडिया

रिपोर्ट के मुताबिक फाफोंग में एनआरसी की पहली सूची में सिर्फ 4500

मुस्लिमों को ही जगह मिली है जबकि इलाके से 11 हजार लोगों ने इसके लिए

आवेदन किया था। प्रक्रिया में शामिल सरकारी अधिकारी गौतम शर्मा का कहना है

कि इस पूरी प्रक्रिया में मुसलमानों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा है।