बीजू फेस्टिवल का चकमा समुदाय में है अनोखा क्रेज, ये है खास बातें

Daily news network Posted: 2018-04-16 16:45:45 IST Updated: 2018-04-16 16:50:06 IST
बीजू फेस्टिवल का चकमा समुदाय में है अनोखा क्रेज, ये है खास बातें
  • त्रिपुरा में नए साल का स्वागत आैर पुराने साल को अलविदा कहने के लिए चकमा समुदाय बिजू फेस्टिवल मनाते हैं। बिजू प्रदेश में मुख्यता तीन दिनाें तक मनाया जाता है।

अगरतला।

त्रिपुरा में नए साल का स्वागत आैर पुराने साल को अलविदा कहने के लिए चकमा समुदाय बिजू फेस्टिवल मनाता हैं। बिजू फेस्टिवल प्रदेश में मुख्यतः तीन दिनाें तक मनाया जाता है, जिसके दो दिन चैत्र आैर एक दिन वैशाख का होता है। बता दें कि इस बार प्रदेश में बीजू का त्यौहार शुक्रवार को मनाया गया।

 

 


केंद्रीय जनजातिय कल्याण मंत्री जुआल आेराम ने पैचारथल में आयोजित राज्य स्तरीय त्यौहार का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव आैर सामाजिक कल्याण मंत्री संताना चकमा भी मौजूद थे।

 


 आइए जानते हैं इस त्यौहार के बारे में कुछ खास बातें...



बीजू पूरे देश में नहीं मनाया जाता है। इसे त्रिपुरा में रह रहे चकमा समुदाय के लोग ही मनाते हैं। ये त्यौहार तीन दिवसीय होता है आैर इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। त्यौहार के पहले दिन चकमा लोग अपने घर को साफ करते हैं आैर फूलों से सजाते हैं। इसके बाद दूसरे दिन स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। अपने दोस्तों आैर रिश्तेदारों को बधाइयां देते हैं। त्यौहार के आखिरी दिन गाेंजापूजा करते हैं। नाच, गाने के साथ भगवान बुद्ध के मंदिर का यात्रा करते हैं। 



- सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इस त्यौहार में वाइन पीने की छूट होती है। बच्चों से लेकर बूढ़े सभी वाइन पी सकते हैं।


 - इस त्यौहार के दौरान किसी भी जीवित को मारना मना होता है। बीजू को अच्छी फसल होने की भी खुशी में भी मनाया जाता है।

 

 


- चकमा समुदाय के द्वारा मनाया जाने वाला बिहु त्यौहार आैर पश्चिम बंगाल में मनाया जाने वाला नया साल करीब-करीब एक जैसा ही  है। बंगाली इसे वैशाखी के रूप में मनाते हैं। वे त्यौहार से दो दिन पहले अनुष्ठान लेते हैं आैर तीसरे दिन वैशाखी मनाते हैं। एेसा ही त्रिपुरा में ये समुदाय बिहू मनाता है।